आम जनता को महंगाई का एक और तगड़ा झटका लगा है। दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने सीएनजी के दामों में 3 रुपये 89 पैसे प्रति किलोग्राम का इजाफा कर दिया है।
ये बढ़ी हुई दरें आज सुबह 6 बजे से प्रभावी रूप से लागू कर दी गई हैं।
इस ताजा बढ़ोतरी के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में एक किलो सीएनजी की कीमत 86.98 रुपये पर पहुंच गई है। दिल्ली के साथ-साथ इससे सटे एनसीआर के इलाकों यानी नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी सीएनजी के दाम चढ़ गए हैं। नोएडा और गाजियाबाद में अब एक किलो सीएनजी का नया भाव 95.59 रुपये हो गया है। वहीं, गुरुग्राम में उपभोक्ताओं को अब एक किलोग्राम सीएनजी के लिए 92.01 रुपये चुकाने होंगे।
युद्ध की वजह से महंगी हुई LNG- आईजीएल
सीएनजी की कीमतों में इस अचानक हुई बढ़ोतरी को लेकर आईजीएल (IGL) की तरफ से आधिकारिक बयान जारी किया गया है। कंपनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी (LNG) की कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिसका सीधा असर कंपनी की लागत पर पड़ रहा है। आईजीएल के मुताबिक, कंपनी को हो रहे वित्तीय नुकसान की आंशिक भरपाई करने और बाजार में बिना किसी रुकावट के सीएनजी की सप्लाई बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है।
हालांकि, कीमतों में संशोधन के बाद भी आईजीएल ने दावा किया है कि राजधानी दिल्ली में सीएनजी की खुदरा दरें ग्राहकों के लिए अब भी एक बेहद किफायती विकल्प बनी हुई हैं।
लगभग दोगुनी हुई गैस की कीमत- आईजीएल
गैस महंगी होने के पीछे की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच दोबारा तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर सप्लाई संकट पैदा हो गया है। इसके चलते एलएनजी की अंतरराष्ट्रीय कीमतें युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में लगभग दोगुनी हो चुकी हैं।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यूरोप में सर्दियों का मौसम नजदीक आने के कारण वहां प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारण को तेजी से भरने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके साथ ही, भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं की ओर से बढ़ती मांग के चलते देश में भी सीएनजी की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
अब पेट्रोल-डीजल की बारी!
होर्मुज संकट और वैश्विक तनाव के कारण भारत के तेल और गैस आयात पर होने वाला खर्च काफी बढ़ गया है। इस साल मार्च से अगस्त के बीच भारत को समुद्र के रास्ते आने वाले कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और एलएनजी के लिए लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा है। ऐसे में बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सीएनजी के बाद आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिल सकता है और इनके दाम भी बढ़ाए जा सकते हैं।

