उत्तर प्रदेश में सितंबर महीने की शुरुआत मौसम के एक बड़े बदलाव के साथ होने जा रही है। राजधानी लखनऊ सहित पूर्वी और दक्षिणी यूपी के कई इलाकों में 1 से 3 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ-साथ तेज गर्जना और बिजली गिरने (वज्रपात) की सख्त चेतावनी भी जारी की है।
इन 25 जिलों में तेज बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार लखनऊ, सुल्तानपुर, बांदा, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, रायबरेली, अमेठी, गाजीपुर, आजमगढ़, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत समेत आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश हो सकती है। इन सभी इलाकों में बारिश के दौरान बिजली चमकने और गिरने की भी संभावना है, जिसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी है। बृहस्पतिवार तक कई क्षेत्रों में अच्छी बरसात के पूरे आसार बने हुए हैं।
लखनऊ में अचानक बदला मौसम, उमस से मिली राहत
राजधानी लखनऊ में पिछले कुछ दिनों से मानसून थोड़ा धीमा पड़ गया था, लेकिन सोमवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिली, जिससे लोगों को काफी समय से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को भी तापमान में खास बढ़ोतरी होने के आसार नहीं हैं और दिन का पारा लगभग 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान है।
अगस्त में जमकर बरसे बादल, सितंबर में भी राहत की उम्मीद
अगस्त के महीने में यूपी में मानसून काफी एक्टिव रहा। 1 से 31 अगस्त के दौरान राज्य में सामान्य 235.5 मिमी की तुलना में लगभग 291.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो कि सामान्य से करीब 24 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान पूर्वी यूपी में 20 प्रतिशत और पश्चिमी यूपी में 29 प्रतिशत अधिक बरसात हुई।
हालांकि, अगर पूरे मानसून सीजन (जून से अगस्त) की बात करें तो कुल बारिश सामान्य से लगभग 0.7 फीसदी कम रही है। अब सितंबर की शुरुआत में होने जा रही इस बारिश से मौसम के रुख में और बदलाव आने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि शुक्रवार रात या शनिवार से मानसून की रफ्तार दोबारा सुस्त पड़ सकती है, इसलिए आने वाले 3-4 दिनों की यह बारिश किसानों की फसलों और आम लोगों दोनों के लिए बेहद खास मानी जा रही है।

