अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी एक बार फिर गोलियों की गड़गड़ाहट से थर्रा उठी है। व्हाइट हाउस, जो दुनिया के सबसे सुरक्षित ठिकानों में से एक माना जाता है, उसके बिल्कुल करीब हुई इस फायरिंग की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फुला दिए हैं।
यह वारदात रविवार तड़के व्हाइट हाउस के ठीक सामने स्थित लाफायेट पार्क के पास हुई। गनीमत यह रही कि इस गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ है, लेकिन हमलावर फायरिंग करने के बाद मौके से फरार होने में कामयाब रहा। फिलहाल, पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे इलाके की घेराबंदी कर उसकी तलाश में जुटी हैं।
सुरक्षा घेरा सख्त और कई ब्लॉक किए गए सील
फायरिंग की खबर मिलते ही अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने मोर्चा संभाल लिया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्हाइट हाउस के आस-पास के कई ब्लॉक्स को आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है। सीक्रेट सर्विस ने जानकारी दी है कि उनकी टीमें मेट्रोपोलिटन पुलिस और यू.एस. पार्क पुलिस के साथ मिलकर एक संदिग्ध व्यक्ति और एक विशेष वाहन की तलाश कर रही हैं। हालांकि, हमलावर कौन था और उसने फायरिंग क्यों की, इसकी जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। दिलचस्प बात यह है कि लाफायेट पार्क पिछले कुछ हफ्तों से मरम्मत के काम की वजह से पहले से ही बैरिकेड्स से घिरा हुआ है।
जब चलीं गोलियां, तब अंदर ही मौजूद थे राष्ट्रपति ट्रंप
जिस वक्त व्हाइट हाउस के बाहर यह ड्रामा चल रहा था, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वहीं मौजूद थे। रविवार का दिन होने के कारण उनके कई कार्यक्रम पहले से तय थे। फायरिंग की घटना के कुछ समय बाद उनका काफिला मेमोरियल सर्कल की ओर रवाना हुआ, जहां वे एक भव्य इंडिपेंडेंस आर्च बनाने का विचार कर रहे हैं। इसके बाद वे वर्जीनिया स्थित अपने 'ट्रंप नेशनल गोल्फ क्लब' भी गए। दिन का समापन उन्होंने व्हाइट हाउस में अपने परिवार के साथ एक निजी ईस्टर डिनर के जरिए किया। हालांकि ट्रंप सुरक्षित हैं, लेकिन उनके इर्द-गिर्द बढ़ती ऐसी घटनाओं ने सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
ट्रंप की सुरक्षा में पहले भी लग चुकी है सेंध
पिछले कुछ महीनों में डोनाल्ड ट्रंप के सुरक्षा घेरे में सेंध लगाने की कई कोशिशें हो चुकी हैं। अभी पिछले हफ्ते ही फ्लोरिडा के पाम बीच एयरपोर्ट पर एक संदिग्ध विमान की वजह से F-16 फाइटर जेट्स को अलर्ट पर भेजना पड़ा था, उस वक्त राष्ट्रपति का 'एयरफोर्स-वन' विमान भी वहीं खड़ा था। ट्रंप पर हुए जानलेवा हमलों का इतिहास भी डराने वाला है। 13 जुलाई 2024 को एक रैली के दौरान उन पर सीधा हमला हुआ था, जहां गोली उनके कान के पास से निकल गई थी। इसके बाद रयान रॉथ नाम के एक शख्स को भी गिरफ्तार किया गया था, जो गोल्फ क्लब के पास हमले की ताक में बैठा था।

