Sunday, 10 Jun, 11.58 am उत्तर प्रदेश

बिजनौर
गंगा का जलस्तर बढ़ा, फसलें डूबीं

नांगलसोती/मंडावर में गंगा खादर क्षेत्र में नांगलसोती, शहजादपुर, गौसपुर, ढोलापुरी के किसान गंगा के किनारे खरबूजा, तरबूज, लौकी, काशीफल की प्लेज लगाकर आजीविका चलाते हैं। शनिवार को दोपहर बाद अचानक गंगा का जल स्तर बढ़ गया। जिससे प्लेज की फसल गंगा के पानी में डूब गई। नांगलसोती के किसान राजेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, राजकुमार, टोनी, गौसपुर के पीतम सिंह, देवेंद्र सिंह, अवनीश कुमार, शहजादपुर के सुधीर, महबूब, तिलकराम, अजय और ढोलापुरी के सुधीर, तिलकराम और राजवीर की प्लेज की फसल गंगा में समा गई।
उधर, मंडावर क्षेत्र में गंगा की धारा के एक ओर उत्तराखंड के व दूसरी ओर बिजनौर के गांव हैं। पहाड़ों पर बारिश होने पर सारा पानी बहकर गंगा में मिलता है। मैदान में आकर गंगा विकराल रूप लेने लगती है। जून की शुरुआत में ही इस बार पहाड़ों पर बारिश होने लगी है। इससे खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। गंगा की तेज धारा ने गांव मीरापुर, कोहरपुर, मिर्जापुर आदि के पास कटान करना शुरू कर दिया है। खेतों की जमीन कटकर गंगा नदी में समा रही है। पिछले तीन दिन में कई बीघा जमीन कटकर गंगा में मिल चुकी है। कटान करते हुए गंगा इन गांवों की ओर बढ़ रही है। उनका कहना है कि वे सालों से तटबंध बनवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी व नेता इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

खो नदी का जलस्तर बढ़ा, प्लेज नष्ट
नगीना। रविवार सुबह करीब आधे घंटे तक रुक रुक कर बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हुआ। उधर, खो नदी में शनिवार की देर शाम आए पानी से खो नदी में खड़ी तरबूज, खीरा व खरबूजे के फसल जलमग्न हो गई। रविवार की सुबह आठ बजे मौसम का मिजाज बदल गया। तेज बूंदा बांदी के साथ रुक रुक कर करीब आधे घंटे तक वर्षा होती रही, बाद में मौसम साफ हो गया और तेज धूप खिली।
कृषि अनुसंधान मौसम वेधशाला के प्रेषक आरके शर्मा के मुताबिक वर्षा छह एमएम रिकार्ड की गई। उधर, खो नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी में पलेज लगाने वालों की सब्जियों खीरा, तरबूज, खरबूजा की फसल बह जाने से काफी नुकसान हुआ। तहसीलदार देवेंद्र पांडेय ने बताया कि खो नदी का जल स्तर कुछ समय बाद ही घट गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के सभी लेखपालों को बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं।

रजबहे की पटरी टूटी, फसलें जलमग्न
हीमपुरदीपा में सब्दलपुर गांव के जंगल में पटरी टूटने से रजबहे का पानी किसानों की सैकड़ों बीघा में खड़ी फसलों में भर गया। किसानों ने अधिकारियों पर नहर की सफाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
हीमपुर दीपा क्षेत्र में सुल्तानपुर माइनर से एक रजबाहा गांव सब्दलपुर, हीमपुर दीपा, रतनपुर खुर्द, अजुपुरा, रावटी शुदनीपुर आदि के जंगल से होकर गुजरता है। रविवार की सुबह इस रजबहे की एक पटरी गांव सब्दलपुर के जंगल की ओर टूट गई। इससे रजबहे का पानी किसानों के खेतों में भर गया। किसान चंदा, ईशाक, यूसुफ, तसलीम, अल्लादिया आदि की सैकड़ों बीघा गन्ने की फसल जलमग्न हो गई। किसान ईश्वर सिंह, ब्रजपाल सिंह, सुनील कुमार, निपेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, तसलीम, यूसुफ, आदिप का आरोप है कि रजबहे को शुरुआत से ही ठीक प्रकार से नहीं बनाया गया है। इसकी सफाई भी नहीं की जाती है।
बिना साफ किए ही रजबहे में पानी छोड़ दिया जाता है। बार-बार पानी न आने की शिकायत पर सफाई के नाम पर रजबहे में खोद कर नाली बना दी गई है। इससे रजबाहा बार बार टूटता रहता है। रजबहे की पटरी टूटने की सूचना देने के बाद भी कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसी ने रजबहे को बंद कराने की कोशिश नहीं की।
उधर, किसानों ने डीएम से इस रजबहे को शीघ्र से अति शीघ्र ठीक कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रजबहे की पटरी टूटने से उनकी फसलों का जो नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा दिलाया जाए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। सिंचाई विभाग की लापरवाही से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं।
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