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बाबाओं का गढ़ बना छतरपुर! धीरेंद्र शास्त्री के जैसी ही मन की बात जान लेने का दावा, देखें पूरी लिस्‍ट

बाबाओं का गढ़ बना छतरपुर! धीरेंद्र शास्त्री के जैसी ही मन की बात जान लेने का दावा, देखें पूरी लिस्‍ट

Vistaar News 2 weeks ago

Famous Baba of Chhatarpur: मध्‍य प्रदेश का छतरपुर जिला प‍िछले करीब 6 सालों से बाबाओं के कारण सुर्खियों में बना रहता है. बाबाओं की वजह से सुर्खियों में छतरपुर सबसे पहले वीरेंद्र शास्त्री यानी की बाबा बागेश्वर के कारण चर्चा में आया था.

इसके बाद से ही देश दुनिया में छतरपुर बाबा बटेश्वर के लिए जाना जाने लगा. हालांकि बाबा बागेश्वर के बाद यहां कई नए-नए बाबा सामने आए हैं. जो धीरेंद्र कृष्‍ण शास्‍त्री की तरह ही मन की बात जान लेने का दावा करते हैं. लेकिन कोई भी बाबा लंबे समय तक अपनी एक जैसे पहचान नहीं बना पाया.

दूसरी तरफ समय-समय पर यहां नए बाबाओं का नाम भी सामने आता रहता है. ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि छतरपुर जिले में ऐसे कितने बाबा हैं जो खुद को धीरेंद्र कृष्‍ण शास्‍त्री यानी की बाबा बागेश्वर की तरह ही पेश करते हैं.

1. धीरेंद्र कृष्‍ण शास्‍त्री उर्फ बाबा बागेश्वर

छतरपुर का सबसे पहले नाम बाबा बागेश्वर के कारण ही सुर्खियों में आया था. यह कोरोना काल में सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे. उस समय इनके वीड‍ियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए थे. इसके बाद से ही उनके गांव यानी कि गढ़ा में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था. कोरोना काल से फेमस हुए बाबा बागेश्वर आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है. उनके धाम पर प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति भी पहुंच चुके हैं.

बाबा बागेश्वर महाशिवरात्रि के मौके पर एक सामूहिक कन्या विवाह का आयोजन भी करते हैं. इस कार्यक्रम में दुनियाभर से लोग शामिल होते हैं. ऐसा दावा किया जाता है कि आपके बताए बिना ही बाबा बागेश्वर आपके मन की अपने पर्चे में लिख देते हैं. अगर आपको किसी तरह की समस्या है तो उसका समाधान भी उनकी ही तरफ से दिया जाता है. कई लोगों का दावा है कि उनके बताए तरीकों की वजह से बीमारी से निजात मिला है. बाबा बागेश्वर दुनियाभर के कई देशों में अपनी कथा कर चुके हैं. दूसरी तरफ कई बार विवादित बयानों के कारण भी वे चर्चा में बने रहते हैं.

2. पंडित दिनेश गर्ग (धीरेंद्र शास्त्री के चचेरे भाई)

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तरह ही उनके चचेरे भाई पंडित दिनेश गर्ग भी एक समय पर दरबार लगाया करते थे. जहां वह अर्जी लगी, पर्चा बना, पर्चे पर मन की बात बताया करते थे. इसके साथ ही लोगों को उनकी समस्या का समाधान भी बताया करते थे. गर्ग, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के परिवार के ही हैं. दोनों चचेरे भाई हैं. यहां शुरुआत में बिल्कुल बाबा बागेश्वर की तरह ही दरबार सजाया जाता था. लेकिन, दिनेश गर्ग और उनका परिवार कई बार बाबा बागेश्वर पर कई तरह के आरोप लगाते रहे हैं. साल 2022-23 के समय इनका दरबार भी चर्चा में था. पिछले 2 सालों से इनके दरबार के बारे में कोई भी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर नहीं की जाती है. मतलब साफ है कि भले ही बाबा बागेश्वर के भाई हैं. लेकिन उनकी तरह ना तो नाम बना पाए और ना ही लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना पाए.

3. लवलेश तिवारी महाराज उर्फ ब्रह्मेश्वर धाम

बाबा बागेश्वर के बाद छतरपुर के लवलेश तिवारी महाराज उर्फ ब्रह्मेश्वर धाम सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए थे. उन्हें ब्रह्मेश्वर बालाजी सरकार भी कहा जाता है. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तरह ही लवलेश तिवारी बालाजी सरकार की आरती, कथा, और दिव्य दरबार का आयोजन करते है. कुल मिलाकर वेशभूषा भी धीरेंद्र शास्त्री की तरह ही अपनाए हुए हैं. इस धाम की खास बात यह है, कि पीठाधीश्वर पं. लवलेश तिवारी महाराज जी के पर्चे पर पीड़ित की समस्या का समाधान लिख करके आ जाता है. ऐसा दावा किया जाता है कि उनके पास भी दिव्‍य शक्‍त‍ियां मौजूद हैं.

लवलेश तिवारी महाराज का जलवा कुछ समय तक ही रहा, सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ही उनके धाम आने वाली एक महिला ने उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. उस समय महीनों तक वह जेल में बंद रहे थे. जेल से बाहर आने के बाद कभी कभार उनके वीड‍ियो सोशल मीडिया पर देखने को मिल जाते हैं. लेकिन बाबा बागेश्वर की तरह अपना नाम नहीं बना पाए.

4. करण कुशवाहा उर्फ अजय पार बाबा?

सोशल मीडिया पर छतरपुर जिले केड़ी गांव की इन दिनों खूब चर्चा है. फेसबुक-इंस्टा-X पर केड़ी गांव के कई वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं. यहां के 15 साल के करण कुशवाहा दरबार लगा रहे हैं. करण का दावा है कि वह पिछले 3 सालों से दरबार लगा रहे हैं. बाबा कैंसर से लेकर लकवा तक की बीमारी का ठीक करने का दावा करते हैं. उनकी मानें तो बड़ी संख्या में लोग धाम पर आने से ठीक हो चुके हैं.

करण कुशवाहा यानी अजय पार बाबा बाकी लोगों से थोड़ा अलग हैं. यह सबकी तरह पर्चा नहीं बनाते हैं. बल्कि बैठे -बैठे ही लोगों की समस्याओं के बारे में बता देते हैं. बाबा बने करण कुशवाहा ने खुद नौवीं तक पढ़ाई की है. भविष्य की बात की जाए तो करण ने तय किया है कि वह इसी तरह दरबार लगाते रहेंगे. अब करण कुशवाहा की प्रसिद्धि उस इलाके में बढ़ने लगी है. अजय पार सरकार का दरबार रविवार और बुधवार को लगता है. लोगों का मानना है कि करण दूसरे बाबा बागेश्वर हैं.

हालांकि देखना होगा कि कितने दिनों तक चर्चा में बने रहते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि सोशल मीडिया पर वीड‍ियो वायरल होने के बाद कई बाबा चर्चा में आए हैं. लेकिन कुछ समय बाद ही वह गुमनामी में चले गए.

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