Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले 90 लाख से ज्यादा मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर हो गए हैं. चुनाव आयोग ने जिलेवार डेटा जारी कर दिया है. SIR में विचाराधीन करीब 60 लाख से अधिक मामले पेंडिंग में थे.
चुनाव आयोग के अनुसार, अब तक कुल 90.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं. अब यह डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है.
बंगाल विधानसभा के लिए चुनाव बिगुल बज चुका है. इसी बीच चुनाव आयोग ने जिला वार मतदाताओं की सूची जारी कर दी है. इस लिस्ट में चुनाव आयोग ने वोटर्स की बड़ी छटनी की है. चुनाव आयोग ने 28 फरवरी को शुरुआती अंतिम सूची जारी की थी, जिसमें 63,66,952 लोगों के नाम बाहर किए गए थे. लेकिन अब यह संख्या 90 लाख से अधिक (कुल 90,83,345) हो गई है.
बंगाल एसआईआर के तहत चुनाव आयोग ने करीब 90 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे हैं. जिसमें सबसे अधिक वॉर्डर के जिले जैसे कूचबिहार, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, मालदा, नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना के मतादाताओं के नाम काटे गए हैं. मंगलवार की सुबह चुनाव आयोग ने यह अधिसूचना जारी की है, जिसके अनुसार, सबसे अधिक नाम मुर्शिदाबाद जिले के हटाए गए हैं. ममता बनर्जी ने आशंका जताई थी कि लगभग 1 करोड़ 20 लाख नाम हटाए जा सकते हैं.
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चुनाव आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया से पूरी तरह पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों की विश्वसनीयता बढ़ेगी. यह पहली बार है, जब पश्चिम बंगाल एसआईआर के संबंध में जिलावार एडिशन और डिलिशन (नाम जोड़ना/हटाना) का डेटा सार्वजनिक किया गया है. चुनाव आयोग के लिए विचाराधी मामलों का निपटारा करना, काफी बड़ी चुनौती थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे समय पर पूरा कर लिया है.

