MP News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इस समय कुत्तों के कारण खौफजदा है. जिला प्रशासन और नगर निगम चाहें जितने कुत्तों को पकड़ने के दावे करे, लेकिन सभी दावों में दम नहीं नजर आता दिख रहा है.
साल 2026 के अभी सिर्फ 3 महीने गुजरे हैं, लेकिन अब तक 13 हजार से ज्यादा लोग डॉग बाइक का शिकार हो चुके हैं.
नसबंदी अभियान में करोड़ों खर्च, लेकिन परिणाम नहीं मिला
इंदौर में नगर निगम आवारा कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर चुका है. लेकिन उसका रिजल्ट शहर में नहीं दिख रहा है. जनवरी, फरवरी और मार्च तीन महीनों में ही कुत्ते 13 हजार 640 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं. इनमें 833 महिलाएं और 733 बच्चे शामिल हैं. आंकड़ों के मुताबिक केवल मार्च महीने में ही आवारा कुत्तों ने 4 हजार 722 लोगों को काटा है. कुत्तों के हमलों का आलम ये है कि शहर के 20 से ज्यादा क्षेत्र डेंजर जोन बन चुके हैं. अभी तो साल के तीन महीने ही बीते हैं. जबकि पूरा साल गुजरना अभी बाकी है. ऐसे में अगर डॉग बाइट के मामले ऐसे ही बढ़ते रहे तो साल के आखिरी तक स्थिति बहुत बुरी हो सकती है. जिला प्रशासन और नगर निगम चाहें जितने दावे करे, लेकिन आंकड़े बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं.
मध्य प्रदेश में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या 10 लाख के पार, टॉप पर इंदौर
आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई है. इनमें इंदौर सबसे ऊपर है. वहीं अगर केवल पांच शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में ही स्ट्रीट डॉग्स की संख्या 6 लाख के पार जा चुकी है. साल 2024 में भी स्ट्रीट डॉग्स बाइट के मामले सबसे ज्यादा इंदौर में ही थे. 2024 में डॉग बाइट के 58, 508 केस दर्ज किए गए थे.

