Indore News: इंदौर के राजेंद्र नगर इलाके में करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से बना ओवरब्रिज महज पांच साल के भीतर ही सवालों के घेरे में आ गया है. पुल के कई जॉइंट्स पर गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं, जबकि बीच हिस्से में आई बड़ी दरार ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है.
कुछ स्थानों पर दरारें इतनी चौड़ी हैं कि आर-पार तक नजर आ रहा है. लगातार हो रही बारिश के कारण इन दरारों में पानी भर रहा है, जिससे पुल की मजबूती और सुरक्षा को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं.
बारिश के चलते ओवरब्रिज की सड़क पर बिछा डामर भी कई जगह से उखड़ चुका है. इससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दरारों से लगातार पानी रिसता रहा तो समय के साथ पुल के ढांचे पर भी इसका असर पड़ सकता है. ऐसे में जल्द तकनीकी जांच और मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही है.
इस ओवरब्रिज का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) ने कराया था, जबकि निर्माण पूरा होने के बाद इसके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी गई थी. अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के पास थी, तो समय रहते मरम्मत और निगरानी क्यों नहीं की गई.
इंदौर में हाल के वर्षों में लंगड़ा ब्रिज और जेड आकार के ब्रिज को लेकर भी विवाद सामने आ चुके हैं. अब राजेंद्र नगर ओवरब्रिज में आई दरारों ने एक बार फिर शहर में करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाले पुलों की गुणवत्ता और उनकी देखरेख पर बहस छेड़ दी है.

