Iran US War: मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अपने समुद्री क्षेत्र में घुसे एक अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया.
ईरान का कहना है कि ड्रोन निगरानी और खुफिया मिशन पर था तथा उसकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा था.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच संघर्ष को समाप्त करने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य नौवहन बहाल करने को लेकर बातचीत चल रही है. हाल के दिनों में अमेरिका ने भी ईरान के ड्रोन और सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की है. वॉशिंगटन का दावा है कि ये कदम उसकी सेनाओं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात की सुरक्षा के लिए उठाए गए.
शांति वार्ता को लेकर दोनों पक्षों से अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं. रिपोर्टों के अनुसार एक मसौदा समझौते पर चर्चा चल रही है, जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने, सैन्य तनाव कम करने और कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हैं. हालांकि अभी तक किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हालिया बैठकों में संभावित समझौते पर विचार किया है, लेकिन अमेरिका की प्रमुख शर्तों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण और समुद्री मार्गों की निर्बाध आवाजाही शामिल बताई जा रही है. दूसरी ओर ईरान जमे हुए अरबों डॉलर के फंड जारी करने और प्रतिबंधों में राहत की मांग पर अड़ा हुआ है.
फिलहाल हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ ड्रोन, मिसाइल और सैन्य कार्रवाइयों की घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह खत्म होने से काफी दूर है.

