Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
कंधे पर गमछा, काला चश्मा लगाकर युवक ने पुलिस थाने में बनाई रील, मऊगंज में कानून की उड़ाई धज्जियां

कंधे पर गमछा, काला चश्मा लगाकर युवक ने पुलिस थाने में बनाई रील, मऊगंज में कानून की उड़ाई धज्जियां

Vistaar News 3 weeks ago

MP News: मऊगंज जिले के शाहपुर थाना परिसर से जुड़ी एक वायरल रील ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में कुछ युवक थाने के अंदर से बाहर निकलते हुए दबंग अंदाज में रील बनाते दिखाई दे रहे हैं.

वीडियो में फिल्मी स्टाइल, स्लो मोशन एंट्री और गैंगस्टर टाइप ऑडियो का इस्तेमाल किया गया है, जिसने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है.

वायरल रील में इस्तेमाल किए गए ऑडियो में हत्या और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं 302 और 307 का जिक्र किया गया है. इतना ही नहीं, जेल जाने को "रुतबा" और "सम्मान" की तरह दिखाने की कोशिश भी की गई. लोगों का कहना है कि इस तरह का कंटेंट युवाओं में गलत मानसिकता पैदा कर सकता है और अपराध को स्टाइल सिंबल की तरह पेश करता है.

जिस थाना परिसर को कानून और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है, वहीं इस तरह की रील बनना अब पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है. लोगों का कहना है कि आखिर इतनी संवेदनशील जगह पर इस तरह की शूटिंग कैसे हो गई? क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी या फिर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक हुई? वायरल वीडियो के बाद पूरे इलाके में इसी बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर नाराजगी जाहिर की. कई लोगों ने इसे "अपराध का महिमामंडन" बताया. लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स पाने की होड़ में युवा अब कानून और सामाजिक मर्यादाओं की भी परवाह नहीं कर रहे. कुछ लोगों ने इसे समाज के लिए खतरनाक ट्रेंड बताया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर गैंगस्टर स्टाइल रीलों का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. फिल्मों और अपराधी किरदारों से प्रभावित युवा अब उसी छवि को असल जिंदगी में अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. हत्या, जेल और अपराध जैसी चीजों को "एटीट्यूड" बनाकर पेश करना समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए चिंताजनक माना जा रहा है.

वायरल वीडियो के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. लोगों का कहना है कि अगर थाना परिसर में ही इस तरह की गतिविधियां होंगी, तो आम जनता में कानून के प्रति सम्मान कैसे बना रहेगा.

फिलहाल यह वायरल रील पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है. हर कोई यही पूछ रहा है कि क्या इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी या फिर थानों में यूं ही "रील राज" चलता रहेगा?

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Vistaar News