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MP में अब सड़क बनाने से पहले होगा लोक निर्माण सर्वेक्षण, मोबाइल ऐप से होगी हर काम की निगरानी

MP में अब सड़क बनाने से पहले होगा लोक निर्माण सर्वेक्षण, मोबाइल ऐप से होगी हर काम की निगरानी

Vistaar News 1 month ago

MP News: मध्य प्रदेश में अब सड़क निर्माण और मरम्मत के काम पुराने तरीके से नहीं होंगे. सड़क बनाने या उसके नवीनीकरण का काम शुरू करने से पहले लोक निर्माण विभाग को मोबाइल ऐप के जरिए विस्तृत सर्वे कराना होगा.

इसके बाद ही निर्माण कार्य को मंजूरी मिलेगी और काम पूरा होने पर दोबारा सर्वे के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा.

'जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर भी होगी कार्रवाई'

राज्य सरकार ने सड़क निर्माण कार्यों में पारदर्शिता लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत लोक निर्माण विभाग ने "लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप" तैयार कराया है. इस ऐप के माध्यम से सड़क और भवन निर्माण से जुड़े हर चरण की निगरानी की जाएगी.
नई व्यवस्था के अनुसार किसी भी सड़क निर्माण, चौड़ीकरण या नवीनीकरण के लिए पहले संबंधित इंजीनियर और अधिकारी मौके पर जाकर मोबाइल ऐप से सर्वे करेंगे. सड़क की लंबाई, चौड़ाई, मौजूदा स्थिति, गड्ढों की संख्या, आसपास की बसाहट और यातायात का दबाव जैसे बिंदुओं की जानकारी ऐप में अपलोड करनी होगी. इसके बाद ही सड़क निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत होगा.
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद विभाग फिर से उसी सड़क का सर्वे कराएगा. यदि काम निर्धारित मानकों के अनुसार पाया गया, तभी संबंधित ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा. अगर निर्माण में कमी या अनियमितता मिली, तो भुगतान रोकने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई भी की जा सकेगी.

'गुणवत्ता सही नहीं होने के कारण सड़कें खराब हो जाती थीं'

लोक निर्माण विभाग का मानना है कि इससे फर्जी माप पुस्तिका, कागजी रिकॉर्ड और बिना काम के भुगतान जैसी शिकायतों पर रोक लगेगी. विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई बार सड़कें बनने के कुछ ही समय बाद खराब हो जाती थीं, क्योंकि मौके पर गुणवत्ता की सही जांच नहीं हो पाती थी. मोबाइल ऐप के जरिए अब सड़क निर्माण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होगी. विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण लें और निर्माण कार्यों की निगरानी इसी माध्यम से करें. इसके लिए इंजीनियरों और फील्ड अधिकारियों को मोबाइल आधारित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से सड़क निर्माण में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता पहले से बेहतर होगी. साथ ही निर्माण कार्यों की निगरानी आसान होने से समय पर काम पूरा कराने में भी मदद मिलेगी.

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