Nepal Flood: नेपाल में कल का दिन बेहद ही खौफनाक रहा है. 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से रसुवा जिले में भारी तबाही वाला मंजर देखने को मिला है. इस तबाही में पक्की सड़कें, सैकड़ो मकान, वाहन, पुल पूरी तहर से बह गए और मलबे में दब गए.
इस प्रकृतिक आपदा में लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. हादसे में अब तक 165 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है, वहीं हजारों लोग अब भी लापता हैं.
नेपाल में आई आपदा व संकट की स्थिति में वहां मौजूद या फंसे हुए मध्य प्रदेश वासियों की मदद के लिए राज्य सरकार द्वारा नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. इस कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रभावितों को हर संभव सहायता मुहैया कराई जाएगी.
नेपाल में फंसे नागरिक या उनके परिजन सहायता एवं जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं.
बता दें कि बुधवार को आई इस प्रलाय में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता हैं. लापता लोगों में भारत के 133 से ज्यादा शामिल है. लापता लोग भारत से मानसरोवर यात्रा और नेपाल घुमने के लिए गए थे. बताया जा रहा है कि इसमे मध्य प्रदेश के रहने वाले लोग भी शामिल हैं.
नेपाल में तबाही के बाद काठमांडू में बने भारतीय दूतावास ने इस आपदा में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. साथ ही तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने अपने प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. जानकारी के अनुसार, कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर भारत से करीब 59 यात्री गए थे.

