MP News: मध्य प्रदेश के बड़वानी में कांग्रेस नेता प्रदेश महासचिव और पूर्व विधायक ग्यारसीलाल रावत के वाहन देर रात पथराव हो गया. इस पथराव से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. घटना के वरला थाना क्षेत्र की बताई जा रही है.
मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है, जबकि मामले में परिजनों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. रावत के बेटे ने पूरे मामले पर आशंका जताई है कि पापा के वाहन पर गन शाॅट से हमला किया गया है. उन्होंने फॉरेंसिक जांच की मांग की है.
सेंधवा एसडीओपी अजय वाघमारे ने बताया कि पूर्व विधायक ग्यारसीलाल रावत की शिकायत के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार बुधवार को देर रात ग्यारसीलाल रावत अपने चालक के साथ सेंधवा से अपने गांव हिंगवा जा रहे थे. उसी दौरान मोनपड़ावा गांव के पास वन विभाग की नर्सरी के पास अचानक उनके वाहन पर पथराव कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, घटना इतनी अचानक से हुई कि वाहन चालक को कुछ समझ नहीं आया. वाहन पर जोरदार पत्थर आकर गिरने लगे. हालांकि राहत की बात यह रही कि पूर्व विधायक और चालक दोनों ही पूरी तरह से सुरक्षित बच गए. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और क्षेत्र में घेराबंदी करके जांच शुरू कर दी.
घटना पर एसडीओपी अजय वाघमारे ने कहा कि क्षेत्र में देर रात कभी-कभी पथराव की घटनाएं सामने आती रहती हैं. लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला विशेष रूप से पूर्व विधायक की गाड़ी को निशाना बनाकर ही क्यों किया गया. यह किसी प्रकार की सामान्य शरारती घटना तो नहीं थी. पुलिस फिलहाल आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है. वरला टीआई नारायण रावल ने बताया कि शिकायती आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है.
पूर्व विधायक के बेटे राकेश रावत ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह घटना सामान्य पथराव वाली घटना नहीं लगती है. राकेश ने कहा कि वाहन पर लगी चोट को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि पत्थर से हमला किया गया हो, लेकिन उन्होंने गन शाॅट से हमले की भी आशंका जताई है. उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए 29 मई को वरला थाने का घेराव कने की घोषण की है.
ग्यारसीलाल रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और आदिवासी समाज में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं. ग्यारसीलाल साल 1993, 1998 और 2018 में सेंधवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं. ऐसे में उनके वाहन पर होने वाली इस पथराव की घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज कर दी है.

