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सज्जन कुमार की शोकसभा में शामिल होना BJP सांसदों को पड़ेगा भारी? न‍ित‍िन नवीन ने किया तलब

सज्जन कुमार की शोकसभा में शामिल होना BJP सांसदों को पड़ेगा भारी? न‍ित‍िन नवीन ने किया तलब

Vistaar News 2 weeks ago

Delhi Sajjan kumar Death: सिख दंगों के दोषी और पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की मौत के बाद शोकसभा का आयोजन किया गया था. जिसमें तमाम नेता शामिल हुए थे. शोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के भी 3 सांसद शामिल हुए थे, जिनकी अब मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तीनों सांसदों को फटकार लगाई है. साथ ही साथ ही 3 सांसदों को तलब किया है.

सज्जन कुमार के घर शोक जताने जाने के मामले में बीजेपी अध्यक्ष ने जिन सांसदों को तलब किया है. इनमें रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया और कमलजीत सहरावत का नाम शामिल है. अब इनसे पूछताछ की जा रही है. वहीं शोकसभा में शामिल होने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है. यह एक्‍शन बीजेपी ने संवेदनशील सियासी मामले को लेकर लिया है.

भारतीय जनता पार्टी के सांसद जब शोकसभा में शामिल हुए थे, उसके बाद से ही कई तरह के सवाल उन सांसदों के साथ-साथ बीजेपी से पूछे जा रहे थे. ऐसा नहीं है कि बीजेपी के नेता ही इस शोकसभा में शामिल हुए थे. कांग्रेस के नेता दीपेंद्र हुड्डा भी शामिल हुए.

सांसदों के शोकसभा में शामिल होने की जानकारी HS फुलका ने दी थी. उन्‍होंने सोशल मीड‍िया पर लिखा था कि सज्जन कुमार जैसे 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी के निधन पर उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे तीन सांसदों कमलजीत सहरावत, रामवीर सिंह बिधूड़ी और योगेंद्र चंदोलिया के इस कदम की मैं कड़ी निंदा करता हूं.

आगे लिखा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, खासकर तब जब बीजेपी ने हमेशा पीड़ितों को न्याय दिलाने की हमारी लड़ाई का समर्थन किया है. यह सुनिश्चित करने में भी सहयोग किया कि दोषी जेल में रहे. सहानुभूति पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए होनी चाहिए, जिनमें से कई परिवार आज भी उन भयावह दिनों की पीड़ा झेल रहे हैं. मैं इन तीनों सांसदों के बहिष्कार का आह्वान करता हूं.

साल 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में सज्जन कुमार को दिल्ली कोर्ट ने 1 नवंबर 1984 को सरस्वती विहार में जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या के मामले में फरवरी 2025 में दोषी ठहराया था. वो तिहाड़ जेल में सजा काट रहे थे.20 अगस्त को सफदरजंग अस्पताल में सज्‍जन कुमार की मौत हो गई थी.

हुड्डा के शामिल होने के बाद सिख-विरोधी दंगा पीड़ित कल्याण समिति के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने विरोध जताया है, उन्‍होंने कहा कि 1984 में दिल्ली में सिखों का नरसंहार हुआ था, तब हरियाणा कांग्रेस के गुंडे और यूपी कांग्रेस के नेताओं ने भी सज्जन कुमार का साथ दिया था. हमारी बहू-बेटियों की इज्जत लूटी गई थी. इतना सब होने के बाद भी ये लोग वहां पहुंचे और उसके पक्ष में बयानबाजी की. ऐसे बयान पर उन्हें शर्म आनी चाहिए.

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Vistaar News