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उमाशंकर सिंह की व‍िरासत को संभालेंगे बेटे युकेश! मायावती ने कराई सियासी लॉन्चिंग, BSP को मिला चर्चित Gen-Z चेहरा

उमाशंकर सिंह की व‍िरासत को संभालेंगे बेटे युकेश! मायावती ने कराई सियासी लॉन्चिंग, BSP को मिला चर्चित Gen-Z चेहरा

Vistaar News 2 weeks ago

Mayawati Promotes Yukesh Singh: उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक रहे उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह की सियासी लॉन्चिंग हो गई है. युकेश सिंह ने अब आधिकारिक रूप से बसपा में एंट्री कर ली है.

युकेश सिंह के पिता उमाशंकर सिंह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे हैं. हाल ही में उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई है. अब मायावती ने लखनऊ में अहम बैठक कर युकेश सिंह को पहली पंक्ति में जगह दी है. इसके साथ ही बसपा ने ठाकुर Gen-Z चेहरा को आगे लाकर बड़ा सियासी समीकरण साधने का संदेश दिया है. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं, जिसको लेकर सभी दल सियासी समीकरण साधने में जुटे हैं.

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में बसपा एक ऐसी पार्टी है, जिसका अब एक भी विधायक नहीं है. पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह थे, जिनका बीमारी की वजह से निधन हो गया. उनके निधन के बाद बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट खाली हो गई. उमाशंकर सिंह के निधन के बाद बसपा ने उनके बेटे प्रिंस युकेश सिंह की सीधे राजनीति में एंट्री कराकर पहली पंक्ति में जगह दी है.

दरअसल, सोमवार को मायावती ने राजधानी लखनऊ में बसपा नेताओं के साथ बैठक की थी, जिसमें दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को मौन व्रत रखकर श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद उमाशंकर सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनके बेटे को पार्टी में शामिल कराया गया. युकेश सिंह अपने पिता के निधन के बाद सियासी वारिस के तौर पर पहली बार आगे आए. माना जा रहा है कि युकेश सिंह रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा की टिकट पर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं.

पूर्वांचल में बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट वैसे भी बसपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है. क्योंकि जब बसपा प्रदेश में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, उस दौरान भी रसड़ा विधानसभा बसपा के खाते में आई थी. उमाशंकर सिंह खुद तीन बार रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. इसलिए पार्टी भी उन्हीं के परिवार को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारना चाहती है. वैसे भी पार्टी अध्यक्ष मायावती और उमाशंकर सिंह परिवार का संबंध काफी पुराना रहा है. मायावती ने तो खुद ही कई बार कहा कि पार्टी की विपरीत परिस्थितियों में जब सबने साथ छोड़ दिया था. उस दौरान भी उमाशंकर सिंह साथ खड़े रहे. मायावती उमाशंकर सिंह को अपना भाई मानती थीं और उन्हें राखी बांधती थीं.

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मायावती ने उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उनके बेटे युकेश सिंह से लखनऊ में मुलाकात कर रसड़ा में राजनीतिक विरासत संभालते हुए 'मिशन 2027' को आगे बढ़ाने की बात कही. हालांकि, अभी आधिकारिक रूप से रसड़ा विधानसभा में प्रत्याशी के तौर पर किसी के नाम की घोषणा नहीं हुई है. लेकिन मायावती ने युकेश सिंह के नाम की हरी झंडी दे दी हैं.

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