कोलकाता/मध्यमग्राम: पश्चिम बंगाल में सत्ता के समीकरण बदलते ही हिंसा का दौर फिर शुरू हो गया है। राज्य में चुनावी नतीजों के बाद एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहां भाजपा के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी पीए (निजी सहायक) चंद्रनाथ रथ की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई।
इस घटना के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और तनाव का माहौल व्याप्त है।
मध्यमग्राम में खूनी वारदात: स्कॉर्पियो को घेरकर बरसाईं गोलियां
मिली जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात मध्यमग्राम इलाके में देर रात उस समय हुई जब चंद्रनाथ रथ अपनी काली स्कॉर्पियो कार में सवार थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बाइक सवार बदमाशों ने चंद्रनाथ की गाड़ी को निशाना बनाया। हमलावरों ने ‘पॉइंट ब्लेंक रेंज’ (बेहद करीब) से अंधाधुंध फायरिंग की। बताया जा रहा है कि उन पर चार राउंड फायर किए गए, जिनमें से तीन गोलियां सीधे उनके सीने में जा लगीं। गोली लगते ही चंद्रनाथ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
साए की तरह साथ रहते थे चंद्रनाथ, वारदात से मचा हड़कंप
चंद्रनाथ रथ पिछले पांच सालों से सुवेंदु अधिकारी के साथ साए की तरह रहते थे और उनके सबसे भरोसेमंद करीबियों में शुमार थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर आए थे, जिससे साफ जाहिर होता है कि हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कार की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि गाड़ी के शीशों पर गोलियों के कई निशान मौजूद हैं। घटना की सूचना मिलते ही सुवेंदु अधिकारी अपने तमाम कार्यक्रम रद्द कर तुरंत मध्यमग्राम के लिए रवाना हो गए हैं।
भाजपा का टीएमसी पर पलटवार: ‘हार की बौखलाहट में हुई हत्या’
इस हत्याकांड के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधा है। भाजपा नेतृत्व का आरोप है कि चुनाव में मिली करारी हार से टीएमसी बौखला गई है और अब हिंसा के जरिए बदला लेने पर उतारू है। पार्टी ने दावा किया है कि चंद्रनाथ की हत्या के पीछे टीएमसी के गुंडों का हाथ है। फिलहाल, मौके पर मध्यमग्राम और एयरपोर्ट पुलिस के आला अधिकारी पहुंच चुके हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है।

