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चढ़ावा चोरी कांड : राम मंदिर में तिरुपति मॉडल लागू करने की तैयारी, CEO की नियुक्ति के लिए बनी हाई-पावर कमेटी

चढ़ावा चोरी कांड : राम मंदिर में तिरुपति मॉडल लागू करने की तैयारी, CEO की नियुक्ति के लिए बनी हाई-पावर कमेटी

VOI News 2 weeks ago

योध्या। श्री राम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोपों के बाद सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम और आपात बैठक बुलाई गई। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में ट्रस्ट ने कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं।

मंदिर प्रशासन को पूरी तरह से पारदर्शी और पेशेवर बनाने के लिए अब तिरुपति देवस्थानम के मॉडल को अपनाने की तैयारी कर ली गई है। इसके तहत ट्रस्ट में एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए एक उच्चस्तरीय चयन समिति का गठन कर दिया गया है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, कृष्ण मोहन को मिली नई जिम्मेदारी

चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों के बाद पैदा हुए विवाद के बीच, ट्रस्ट ने सोमवार को महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। दोपहर 3:15 बजे राम जन्मभूमि परिसर के भीतर स्थित गेस्ट हाउस में शुरू हुई यह बैठक शाम करीब 6:30 बजे समाप्त हुई। बैठक खत्म होने के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चंपत राय के इस्तीफे के बाद अब कृष्ण मोहन को मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए।

तिरुपति मॉडल पर होगी CEO की नियुक्ति, न्यायपालिका और सेना के दिग्गजों को कमान

राम मंदिर के प्रबंधन को भविष्य में किसी भी विवाद से बचाने के लिए ट्रस्ट ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब तिरुपति मंदिर के प्रशासनिक ढांचे की तर्ज पर यहां भी CEO की नियुक्ति होगी। इसके लिए तीन सदस्यीय एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है, जो योग्य उम्मीदवारों का चयन कर ट्रस्ट को अपनी सिफारिशें सौंपेगी। इस समिति में देश की न्यायपालिका और सेना के बेहद अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। समिति के सदस्यों में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सुरेश हावड़े शामिल हैं।

कोषाध्यक्ष ने माना- ‘प्रबंधन में कमी से राम भक्तों को पहुंचा गहरा दुख’

बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बेहद भावुक और स्पष्ट शब्दों में मंदिर प्रशासन की कमियों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की खबरों से दुनिया भर के लाखों-करोड़ों राम भक्तों की आस्था को गहरा आघात लगा है और उन्हें बहुत दुख हुआ है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर माना कि ट्रस्ट के मैनेजमेंट में कुछ खामियां रहीं, जिन्हें अब सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

बैठक में जुटे देश भर के दिग्गज, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी जुड़े अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की, जबकि कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बैठक का एजेंडा सभी के सामने रखा। बैठक में नौ में से सात स्थायी सदस्य व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे, जिनमें स्वामी विश्व तीर्थ प्रसन्नाचार्य, स्वामी परमानंद गिरि, जगद्गुरु बासुदेवानंद सरस्वती, कृष्ण मोहन, महंत दिनेंद्र दास, पदेन सदस्य व जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, विहिप नेता दिनेश चंद्र और विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में महंत कमल नयन दास शामिल थे। इसके अलावा ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य के. पराशरण, उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, केंद्रीय सचिव प्रशांत लोखंडे और मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर इस गंभीर विषय पर मंथन किया।

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