मिली जानकारी के मुताबिक चिलकाना थाना प्रभारी विनोद कुमार अपनी टीम के साथ हरड़ाखेड़ा इलाके में चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक बाइक पर दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए, जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने बाइक को मोड़ते हुए रफ्तार बढ़ा दी और सरसावा की दिशा में भाग निकले। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायर खोल दें, जिसमें सरकारी गाड़ी का शीशा टूट गया।
पुलिस वायरलेस पर सूचना फ्लैश होते ही सरसावा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई, इसी बीच भागते हुए बदमाश इंडस्ट्रियल एरिया के पास स्थित एक बाग में घुसकर पेड़ो की ओट में छुप गये और वहीं से पुलिस पर फायरिंग करने लगे। इसी दौरान सहारनपुर एसएसपी अभिनंदन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बदमाशों को घेर लिया। बदमाशों ने खुद को घिरता हुआ पाकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, पुलिस और बदमाशों के बीच आमने-सामने की कई राउंड फायरिंग हुई है।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली लगने से घायल एक लाख का इनामी अहसान कपूरी घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि इस दौरान बदमाशों से मुठभेड़ में सरसावा एसओ प्रवेश शर्मा और सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल सोनू शर्मा के हाथ में गोली लगने से वह घायल हो गए, दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, गनीमत रही की बदमाशों की गोलियां चिलकाना थाना प्रभारी की जैकेट में धंस गई और उनकी जान बच गई। पुलिस ने घटनास्थल से चार अवैध हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।

सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह ने मीडिया को बताया कि मारा गया बदमाश अहसान लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। अहसान बदमाशों की टेनटाप सूची में शामिल है, उसके खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 31 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें 13 मामले लूट के दर्ज थे। इसके अलावा वह बेहट थाना क्षेत्र में हुई एक डकैती के मामले में भी वह वांछित चल रहा था। Edited by : Sudhir Sharma

