'वे जुनून' की कहानी लगभग पूरी तरह इमरान के किरदार की तड़प और इंतज़ार के ज़रिए सामने आती है। उनका किरदार किसी की तलाश में है, बीती यादों को संजोए हुए है और उन्हें छोड़ नहीं पा रहा। वहीं दिशा एक ऐसी याद बनकर सामने आती हैं, जिसे वह अपने दिल से निकाल नहीं सकता। यही भावनात्मक समीकरण इस गीत को बेहद खूबसूरत बनाता है। उनकी मुस्कान, एक ठहरी हुई नज़र या साथ बिताया गया कोई छोटा-सा पल ही यह बताने के लिए काफी है कि वह इमरान के किरदार के लिए इतनी मायने क्यों रखती हैं।
दिशा पाटनी को अक्सर ऊर्जावान और ग्लैमरस भूमिकाओं में देखा गया है, लेकिन 'वे जुनून' उन्हें ऐसा अवसर देता है जो उनके अब तक के अभिनय से बिल्कुल अलग है। यहां न कोई भव्य नृत्य है और न ही बड़े-बड़े दृश्य। गीत में उनकी पहली झलक लाल रंग की पोशाक में वायलिन बजाते हुए दिखाई देती है।

इमरान हाशमी के साथ उनकी जोड़ी भी बेहद स्वाभाविक लगती है। इमरान का सधा हुआ अभिनय हमेशा उन कलाकारों के साथ सबसे प्रभावशाली रहा है जो अनावश्यक रूप से ध्यान आकर्षित करने की कोशिश नहीं करते, और दिशा इस लय को बखूबी समझती हैं। वह केंद्र में आने की कोशिश नहीं करतीं, बल्कि हर दृश्य को पूरा करती हैं, जिससे दोनों के बीच का रोमांस उसी सहजता से उभरता है जिसकी इस फिल्म की भावनात्मक दुनिया मांग करती है।

इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि यह गीत दिशा पाटनी को केवल मूल फिल्म द्वारा छोड़ी गई जगह भरने वाली अभिनेत्री के रूप में नहीं, बल्कि इस कहानी के नए अध्याय में अपनी अलग पहचान बनाने वाली कलाकार के रूप में प्रस्तुत करता है।
सिर्फ एक गीत के साथ ही दिशा पाटनी ने 'आवारापन 2' को एक नई रोमांटिक पहचान दी है, साथ ही उन्होंने उस भावनात्मक गहराई का भी सफलतापूर्वक साथ निभाया है जिसे इमरान हाशमी लंबे समय से इस श्रृंखला की पहचान बनाते आए हैं।

