
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि आज मैंने देखा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने की इजाज़त नहीं दी गई। कई बार संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बोलने का मौका मिला लेकिन मुझे नहीं क्योंकि मैंने कहा था कि जो बर्बरता हुई, उसके लिए गृह मंत्री अमित शाह ज़िम्मेदार थे। अगर मैं माफ़ी मांगता तो मुझे बोलने की इजाज़त मिल जाती। मैं माफ़ी नहीं मांगूंगा। मेरे लिए सबसे अहम मुद्दा यह है कि दिल्ली की सड़कों पर हमारे छात्रों के साथ बर्बरता की गई। उन पर पैलेट गन से गोलियां चलाई गईं।
सवालों का जवाब नहीं मिला
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 25 तारीख को मैंने गृह मंत्री को एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें मैंने 2 सवाल पूछे थे। पहला सवाल था कि आपने पैलेट गन इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी हां या न। दूसरा सवाल था कि सादे कपड़ों में जो लोग बच्चों को लाठियों से मार रहे हैं ये लोग कौन है? ये पुलिसवाले हैं या फिर कोई और? सवालों का जवाब नहीं मिला है।
पीएम से अमित शाह को हटाने की मांग
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह अमित शाह को गृह मंत्री पद से हटाएं। साथ ही उन्होंने छात्रों पर कथित पुलिस अत्याचार की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराई। इससे पहले लोकसभा में पेपर लीक कानून संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान भी राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को मंजूरी देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ।
भाजपा ने राहुल गांधी के दावे को बताया झूठ
भाजपा ने बुधवार को राहुल गांधी के उस दावे को 'झूठ' करार दिया कि पिछले सप्ताह संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर पुलिस ने गोलियां चलाई थीं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राजनीतिक फायदे के लिए भ्रम फैलाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां भाजपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी की इस टिप्पणी की भी आलोचना की कि शाह 30 गाड़ियों के काफिले में चलते हैं, क्योंकि वह डरे हुए हैं।

