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बंगाल में महाराष्ट्र जैसा 'खेला' होने की आहट! क्या ममता बनर्जी के हाथ से भी छिन जाएगी असली TMC?

बंगाल में महाराष्ट्र जैसा 'खेला' होने की आहट! क्या ममता बनर्जी के हाथ से भी छिन जाएगी असली TMC?

श्चिम बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में बवाल मचा हुआ है। ममता बनर्जी ने हाल ही में 2 विधायकों संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया।
दावा किया जा रहा है कि वे पार्टी के 50 विधायकों के संपर्क में है। अगर यह सभी विधायक ममता का साथ छोड़ देते हैं तो बंगाल में भी महाराष्‍ट्र जैसा खेला हो सकता है। यहां तक कि ममता से पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न भी छिन सकता है। Kalita Majhi : कौन हैं कलिता माझी, कभी 4,000 रुपए प्रतिमाह में घरों में करती थीं काम, अब बंगाल में बनीं मंत्री, पढ़िए संघर्ष, मेहनत और राजनीतिक समर्पण की पूरी कहानी

बताया जा रहा है कि पार्टी से निकाले गए विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी सोमवार को देर शाम MLA हॉस्टल पहुंचे। यहां उन्होंने कई तृणमूल कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक की। इस बीच TMC के निलंबित नेता रिजू दत्ता ने दावा किया है कि पार्टी के 80 में से 50 से ज्यादा विधायक खुद को असली तृणमूल बताने की तैयारी कर रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस में क्यों मचा बवाल?

दावा किया जा रहा है कि असंतुष्ट गुट शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने से नाराज है। साहा और बनर्जी का आरोप कि विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए प्रस्ताव में उनके फर्जी साइन थे। दोनों विधायकों का कहना है कि 6 मई की बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद कोलकाता के हरे स्ट्रीट थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। बाद में मामले की जांच CID को सौंप दी गई।

CID ने इस मामले में TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को जांच में शामिल होने और प्रस्ताव की ओरिजिनल कॉपी पेश करने के लिए नोटिस भेजा था। इसके बाद TMC ने दोनों विधायकों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

क्या है बागी विधायकों के पास विकल्प?

तृणमूल कांग्रेस अगर एक ग्रुप पार्टी से अलग होकर असली TMC होने का दावा करे। इसके लिए 54 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। इस स्थिति में ममता बनर्जी से पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न भी छिन समता है। पार्टी के कुल 80 विधायकों में से दो तिहाई भाजपा में शामिल होने का फैसला लें। ऐसे में उन पर दलबदल कानून नहीं लगेगा।

हो सकता है महाराष्‍ट्र जैसा खेला?

अगर पार्टी के 54 विधायक अलग गुट बनाते हैं तो बंगाल में महाराष्‍ट्र की कहानी दोहराई जा सकती है। वहां उद्धव ठाकरे से अलग होकर एकनाथ शिंदे ने शिवसेना पर अपना दावा ठोंक दिया और पार्टी के साथ ही चुनाव चिन्ह पर भी कब्जा कर लिया। वहां इस तरह कहानी शरद पवार की राकांपा में भी दोहराई गई।

क्या है ममता का दावा?

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक पर वीडियो मैसेज जारी कर भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस TMC विधायकों पर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का दबाव बना रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराने-धमकाने या रिश्वत देकर TMC को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

edited by : Nrapendra Gupta

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