हाल ही में फैंस से रूबरू होने के लिए दिलजीत दोसांझ ने एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन रखा था। इस दौरान देश-विदेश से जुड़े उनके लाखों फैंस ने उनसे कई सवाल पूछे। इसी बीच एक फैन ने उनसे पूछा कि क्या वे NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे या इसका समर्थन करेंगे?
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इस सवाल पर बिना किसी हिचकिचाहट के दिलजीत ने बेहद संजीदा लहजे में कहा, "मुझे इन सब चीज़ों से दूर रखो... भाई, मैं एक कलाकार हूं। मैं कोई राजनेता नहीं हूं। मुझे नहीं पता कि आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं।"
अपनी बात को गहराई देने के लिए दिलजीत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की एक बेहद लोकप्रिय पंक्ति का पाठ किया- "नानक दुखिया सभु संसारु, सो सुखिया जिसु नामु अघारु।" इसका अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि इस दुनिया में हर कोई किसी न किसी दुख या संघर्ष से गुजर रहा है, और सच्चा सुख केवल ईश्वर के नाम के सहारे ही मिल सकता है।

दिलजीत दोसांझ का यह बयान इसलिए भी चर्चा बटोर रहा है क्योंकि साल 2020 में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन में वे एक मुखर चेहरा बनकर उभरे थे। उस समय उन्होंने न केवल सोशल मीडिया पर किसानों का खुलकर समर्थन किया था, बल्कि खुद सिंघु बॉर्डर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात भी की थी।
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन?
जंतर-मंतर पर जारी इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की शुरुआत मूल रूप से एक डिजिटल सैटायर आउटफिट के रूप में हुई थी। लेकिन 20 जून से इस संगठन ने जमीनी स्तर पर मोर्चा खोल रखा है। CJP की मुख्य मांग NEET परीक्षा पेपर-लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है।

