किसी भी देश के महत्व और उसकी प्राचीन पहचान को जानने समझने के लिए उस देश की विरासतों और धरोहरों का संरक्षण सबसे जरूरी काम है। हमारे देश में भी कई प्राचीन विरासतें, धरोहर और प्रतीक हैं जो देश की असल तासीर की पहचान बताती है।
- 'विकास भी, विरासत भी' है पीएम मोदी का मंत्र
- देश में हैरिटेज कंजरवेटर्स की डिमांड बढ़ी
- हैरिटेज मैनेजमेंट में है शानदार स्कोप
- विरासत को सहजने के लिए सरकार भी है प्रतिबद्ध
- विरासतों के महत्व को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना लक्ष्य
विरासत पर पीएम मोदी का मंत्र : पीएम नरेंद्र मोदी ने विरासत भी और विकास भी का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा है कि कोई भी विकास अपनी विरासत का ध्यान रखे और उसे संरक्षित किए बगैर संभव नहीं है। अगर विकास करना है तो हमें अपनी विरासतों को सहेजना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेरिटेज मैनेजमेंट (विरासत प्रबंधन) को लेकर दृष्टिकोण 'विकास भी, विरासत भी' के मूल मंत्र पर आधारित है। वे प्राचीन संस्कृति के संरक्षण और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाने पर जोर देते हैं।
क्या है हेरिटेज मैनेजमेंट : श्री जोशी ने बताया कि हेरिटेज मैनेजमेंट एक बेहद ही क्रिएटिव तरह का काम है। यह मूल रूप से कलाओं, कलात्मक चीजों, प्राचीन धरोहरों और विरासत के साथ विरासत से जुड़ी चीजों को सहेजने उन्हें संरक्षित करने और उनका प्रबंधन करने का काम है। कुल मिलाकर हेरिटेज मैनेजमेंट (Heritage Management) सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत स्थलों (स्मारकों, कलाकृतियों, परंपराओं) को संरक्षित करने, उनके प्रबंधन, प्रदर्शन और भावी पीढ़ियों के लिए उन्हें सुरक्षित रखने की एक सुनियोजित प्रक्रिया है। यह सांस्कृतिक संसाधनों को बचाने, उनके अध्ययन, और पर्यटन के माध्यम से उनके आर्थिक-सामाजिक विकास को सुनिश्चित करने का काम करता है।

क्या है हेरिटेज मैनेजमेंट का भविष्य : विरासतों को संरक्षित करने और उन्हें बचाने के लिए देश में कंजरवेटर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके लिए देशभर में कई जगहों पर म्यूजियम खोले जा रहे हैं जिससे जागरूकता बढ़े और आने वाली पीढ़ियां इसका महत्व समझ सके और अपनी इन विरासतों को सहेजने के लिए प्रेरित हो। यह केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित न रहकर, डिजिटल दस्तावेज़ीकरण, पर्यटन विकास, और आर्थिक आत्मनिर्भरता के माध्यम से सांस्कृतिक पहचान को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की एक समावेशी प्रक्रिया बन रहा है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

