अभिनेता अक्षय कुमार की प्रोडक्शन कंपनी 'केप ऑफ गुड फिल्म्स LLP' ने फिल्म व्यापार पत्रिका 'कम्प्लीट सिनेमा' में एक पब्लिक नोटिस जारी कर फिल्म के अधिकारों पर अपना एकाधिकार घोषित कर दिया है।
अक्षय कुमार की कंपनी का बड़ा दावा
केप ऑफ गुड फिल्म्स द्वारा जारी किए गए इस सार्वजनिक नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि उनके पास 'हेरा फेरी 3' के निर्माण, वितरण, विपणन और व्यावसायिक उपयोग के "अपरिवर्तनीय, विश्वव्यापी और स्थायी" विशेष अधिकार हैं। नोटिस के जरिए फिल्म इंडस्ट्री के तमाम हितधारकों-जैसे डिस्ट्रीब्यूटर्स, एग्जिबिटर्स, सिनेमा चेन्स, ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स, टीवी ब्रॉडकास्टर्स और म्यूजिक लेबल्स को सख्त चेतावनी दी गई है।

यह नोटिस सीधे तौर पर फिल्म के मूल निर्माता फिरोज नाडियाडवाला और इस फ्रेंचाइजी से जुड़े अन्य दावेदारों को एक बड़ी कानूनी चुनौती है। यह पब्लिक नोटिस ऐसे समय में आया है जब कुछ ही दिनों पहले फिल्म के दिग्गज निर्देशक प्रियदर्शन ने खुद को इस प्रोजेक्ट से पूरी तरह अलग कर लिया था। प्रियदर्शन ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में फिल्म के भविष्य पर निराशा जताई थी और कहा था कि कानूनी पचड़ों के कारण यह फिल्म शायद कभी स्क्रीन पर न आ पाए।
क्या है 'हेरा फेरी 3' का कानूनी पचड़ा?
'हेरा फेरी 3' का विवाद सिर्फ अंदरूनी अनबन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कॉपीराइट की एक बड़ी कानूनी लड़ाई भी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण भारत के एक प्रोडक्शन हाउस 'सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल' ने अदालत का रुख किया है। उनका दावा है कि फिरोज नाडियाडवाला के पास मूल मलयालम फिल्म 'रामजी राव स्पीकिंग' की केवल एक बार हिंदी रीमेक बनाने के अधिकार थे।
साउथ प्रोडक्शन हाउस का तर्क है कि फिरोज के पास इसके सीक्वल या तीसरी किश्त के अधिकार नहीं थे, इसलिए वे इसे अक्षय कुमार की कंपनी को ट्रांसफर नहीं कर सकते।
फैंस लंबे समय से अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल की इस आइकॉनिक तिकड़ी को पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, परेश रावल भी पहले कुछ समय के लिए इस प्रोजेक्ट से पीछे हट गए थे, लेकिन बाद में वे दोबारा इसमें शामिल हुए।

