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US-Iran Conflict : ईरान का अमेरिका को साफ संदेश, बातचीत या जंग- दोनों के लिए तैयार तेहरान, डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकराया प्रस्ताव

US-Iran Conflict : ईरान का अमेरिका को साफ संदेश, बातचीत या जंग- दोनों के लिए तैयार तेहरान, डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकराया प्रस्ताव

रान ने शनिवार को कहा कि अब यह अमेरिका पर निर्भर है कि वह बातचीत के जरिए समाधान चाहता है या फिर खुली जंग का रास्ता अपनाता है। ईरान ने साफ किया कि वह दोनों ही स्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए प्रस्ताव पर असंतोष जताया है और कई हफ्तों के युद्धविराम के बावजूद शांति वार्ता ठप पड़ी हुई है।

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ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने तेहरान में राजनयिकों से कहा कि अब 'गेंद अमेरिका के पाले में है' और उसे कूटनीति या टकराव के बीच रास्ता चुनना होगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों विकल्पों के लिए तैयार है।

एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के अनुसार, ईरान के प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहाल करने और अमेरिका द्वारा लगाए गए नाकेबंदी को खत्म करने की बात शामिल है, जबकि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को बाद के चरण के लिए टालने का सुझाव दिया गया है। हालांकि ट्रंप अब तक इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर पाए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे सैन्य कार्रवाई को प्राथमिकता नहीं देते, लेकिन जरूरत पड़ने पर पीछे भी नहीं हटेंगे। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि क्या हम जाकर उन्हें पूरी तरह खत्म कर दें या फिर समझौते की कोशिश करें?" उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरी हुआ तो वे कांग्रेस की अनुमति के बिना भी सैन्य कार्रवाई जारी रख सकते हैं। फ्लोरिडा में एक भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्दबाजी में इस टकराव को खत्म नहीं करेगा, ताकि भविष्य में फिर से वही समस्या पैदा न हो।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना दबाव का केंद्र

ट्रंप पर घरेलू दबाव भी बढ़ रहा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण दुनिया की करीब 20% तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई हैं। नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले उनकी रिपब्लिकन पार्टी को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

चार हफ्ते पहले अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बमबारी अभियान रोक दिया था, लेकिन इसके बावजूद युद्ध खत्म करने को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है।

पिछले दो महीनों से ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी जहाजों को छोड़कर लगभग सभी जहाजों की आवाजाही रोक रखी है, जबकि अमेरिका ने भी पिछले महीने ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिया।

अमेरिका का कहना है कि वह तब तक इस युद्ध को खत्म नहीं करेगा, जब तक ऐसा समझौता नहीं हो जाता जिससे ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। वहीं ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए प्रस्ताव में पहले युद्ध समाप्त करने, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और अमेरिका द्वारा नाकेबंदी हटाने का रोडमैप दिया गया है। इसके बाद अंतिम चरण में परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की जाएगी, जिसमें ईरान शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की मान्यता चाहता है।

सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्ताव अब औपचारिक रूप से मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को भेज दिया गया है, जिससे आगे बातचीत का रास्ता खुल सके। Edited by : Sudhir Sharma

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