हाल ही में रिलीज हुई महज 2 करोड़ रुपए के बजट वाली फिल्म 'हनुमान अंश' ने कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है। बिना किसी बड़े स्टारकास्ट और बिना किसी भारी-भरकम प्रमोशन के थिएटरों में पहुंची यह फिल्म अब घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर साबित हो चुकी है।
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10 लाख की सुस्त शुरुआत से 54 करोड़ का धमाकेदार सफर
Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार, 'हनुमान अंश' जब रिलीज हुई थी, तो इसकी पहले दिन की कमाई महज 10 लाख रुपए थी। शुरुआती दो हफ्तों तक फिल्म का प्रदर्शन बेहद सुस्त रहा और यह बमुश्किल 1.48 करोड़ रुपए का ही आंकड़ा छू सकी। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यह फिल्म आगे चलकर इतिहास रचेगी।
लेकिन असली चमत्कार तीसरे हफ्ते से शुरू हुआ। दर्शकों के 'वर्ड ऑफ माउथ' यानी माउथ पब्लिसिटी की वजह से सिनेमाघरों में भीड़ अचानक उमड़ने लगी। 17वें दिन फिल्म ने एक ही दिन में 2.20 करोड़ जुटाए। इसके बाद 24वें दिन फिल्म ने अपने एक दिन का सर्वोच्च कलेक्शन दर्ज करते हुए 12.75 करोड़ की रिकॉर्ड तोड़ कमाई की।
यहां तक कि 26वें दिन (चौथे मंगलवार) को फिल्म ने 8.50 करोड़ का नेट कलेक्शन कर कई बड़ी बजट फिल्मों के सिंगल-डे कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया। अब तक भारत में इस फिल्म का नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 54.13 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है।

फिल्म की इस अप्रत्याशित सफलता के बीच बॉलीवुड हस्तियों ने भी इसकी दिल खोलकर सराहना की है। कंगना रनौत का पोस्ट: बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर नीम करोली बाबा की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'हनुमान अंश कोई साधारण फिल्म नहीं है; यह एक सत्संग है। यह उन लोगों की खूबसूरत छोटी कहानियों का ताना-बाना है, जिन्होंने नीम करोली बाबा का प्रत्यक्ष अनुभव किया है। अपनी थेरेपी सेशन को छोड़िए और जाकर इसे थिएटर में देखिए।'
मधुर भंडारकर ने बताया 'केस स्टडी'
दिग्गज फिल्ममेकर मधुर भंडारकर ने भी सिनेमाघर से फिल्म देखने के बाद निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की ईमानदारी और शोभिनव सत्या के सहज अभिनय की तारीफ की। उन्होंने लिखा, गैर-स्टार कास्ट वाली यह छोटे बजट की फिल्म संपूर्ण भारतीय फिल्म उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण केस स्टडी है। यह साबित करती है कि सच्चा दृढ़ संकल्प और दमदार कहानी हमेशा बॉक्स ऑफिस पर बड़े बजट की फिल्मों पर भारी पड़ती है।

विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म महान आध्यात्मिक संत नीम करोली बाबा के शुरुआती जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है। फिल्म का आधिकारिक सार एक ऐसे दुखी बच्चे की कहानी बयां करता है, जो अपनी दिवंगत मां से मिलने की चाह में ईश्वर की खोज में निकलता है। ईश्वर को खोजते-खोजते वह निस्वार्थ सेवा, प्रेम, भोजन के वितरण और मौन आशीर्वाद के जरिए मानवता की सेवा करना सीखता है।
फिल्म में शोभिनव सत्या ने नीम करोली बाबा की भूमिका निभाई है, जबकि चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी और विहान शेडगे ने अन्य महत्वपूर्ण किरदार अदा किए हैं।

