ट्रंप का कड़ा रुख, समझौता खत्म
नाटो समिट के इतर पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने ईरान के साथ पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन के टूटने की पुष्टि करते हुए कहा कि जहां तक मेरा सवाल है, यह समझौता खत्म हो चुका है। ऐसे लोगों के साथ डील करना सिर्फ समय की बर्बादी है। वे झूठे और क्रूर लोग हैं। मैं अब उनके साथ कोई बात नहीं करना चाहता। तेल टैंकरों पर हमलों से ट्रंप भड़का, अमेरिका ने ईरान पर बरसाए बम, तेल निर्यात से जुड़ा लाइसेंस भी रद्द
उन्होंने कहा कि वे कैंसर हैं, हमें खत्म करना होगा। कैंसर को शुरुआत में ही काटकर निकाल देना चाहिए।इस बयान के साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात के लिए दी गई प्रतिबंधों की अस्थाई छूट को भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।
अमेरिका का ईरान पर बड़ा एक्शन
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के इलाकों में 80 से अधिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में तीन कमर्शियल जहाजों (क्रूड और गैस टैंकर्स) पर ड्रोन और मिसाइल से गैर-कानूनी हमले किए थे, जो सीजफायर का सीधा उल्लंघन था। डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार
अमेरिकी हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, तटीय निगरानी केंद्र, एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल ठिकाने और ड्रोन लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप (Qeshm Island), सीरिक और बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में तेज धमाके सुने गए।
ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित लगभग 85 अमेरिकी सैन्य और सहयोगी सुविधाओं को निशाना बनाया है।
कुवैत और बहरीन में रातभर हवाई हमले के सायरन गूंजते रहे। कुवैती सेना ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई 'अज्ञात और आक्रामक' ड्रोन्स और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि वे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इससे भी ज्यादा 'निर्णायक कदम' उठाने के लिए तैयार हैं। Donald Trump : खामेनेई के अंतिम संस्कार पर ट्रंप का विवादित बयान, कहा- 'सब एक जगह थे, लेकिन हमला नहीं किया', हो सकता है कि ये आंसू भी नकली हों
वैश्विक स्तर पर खलबली, चीन की चेतावनी
इस अचानक भड़के तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 5.3% बढ़कर $78 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, दुनिया के कई बड़े देशों ने इस पर चिंता जताई है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा युद्ध की आग भड़काना किसी के हित में नहीं है और सैन्य तरीकों से इस समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सीजफायर के उल्लंघन पर अमेरिका का यह कड़ा जवाब देना बेहद जरूरी था।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

