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शीतला सातम: परंपरा, महत्व और पूजन विधान

शीतला सातम: परंपरा, महत्व और पूजन विधान

Sheetla Satam 2026 : गुजरात और भारत के विभिन्न हिस्सों में भक्ति, आस्था और स्वास्थ्य के संरक्षण का अनुपम उदाहरण है- शीतला सातम। यह पावन पर्व संपूर्ण परिवार को निरोगी रखने और देवी शीतला का आशीर्वाद प्राप्त करने की सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा है।

1. वर्ष 2026 में शीतला सातम की तिथियां एवं शुभ मुहूर्त

पर्व की तिथि: 3 सितंबर 2026, दिन गुरुवार

पूजन का शुभ मुहूर्त: प्रात: 06:24 से सायं 18:52 तक

रांधण छठ (भोजन पकाने का दिन): 2 सितंबर 2026 (सप्तमी से एक दिन पूर्व)

2. धार्मिक महत्व एवं आरोग्य की मान्यता

आरोग्य की देवी: मां शीतला को रोगों से मुक्ति दिलाने वाली आरोग्यदात्री माना गया है।

संक्रामक रोगों से रक्षा: ऐसी लोकमान्यता है कि देवी शीतला का विधि-विधान से पूजन करने पर परिवार के सदस्य खसरा (Measles), चेचक (Smallpox) और त्वचा संबंधी संक्रामक रोगों से सुरक्षित रहते हैं।

अन्य नाम व क्षेत्रीय समानता: गुजरात में इसे शीतला सातम या सीतला सातम कहा जाता है। उत्तर भारत में यह पर्व होली के बाद बासोड़ा या शीतला अष्टमी के नाम से श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है।

3. अनूठी परंपराएं और नियम

चूल्हा न जलाने का नियम: इस दिन घर के रसोईघर में चूल्हा जलाना पूरी तरह वर्जित माना जाता है।

शीतल (बासी) भोजन का सेवन: पर्व के दिन केवल एक दिन पहले पका हुआ ठंडा भोजन ही ग्रहण किया जाता है। 'शीतला' शब्द का अर्थ ही शांति व शीतलता से है, इसलिए मां को बासी और ठंडा भोजन ही प्रिय होता है।

रांधण छठ का महत्व: सातम के ठीक एक दिन पहले के दिन को 'रांधण छठ' कहा जाता है। इस दिन परिवार के लिए विशेष प्रकार के पकवान, पूरी, सब्जी और मिष्ठान तैयार करके रख लिए जाते हैं।

4. पूजा की संक्षिप्त एवं सरल विधि

प्रातः स्नान: सातम के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर ठंडे जल से स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

भोग और पूजन: मां शीतला की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीपक जलाएं। एक दिन पूर्व बनाए गए ठंडे पकवान (बासोड़ा) का मां को भोग लगाएं।

आरोग्य की प्रार्थना: देवी से जल, रोली, अक्षत और पुष्प अर्पित करके परिवार के हर सदस्य को निरोगी, प्रसन्न और शीतल रखने की मनोकामना करें।

प्रसाद वितरण: पूजन समाप्त होने के बाद परिवार के सभी सदस्य मिलकर ठंडा प्रसाद ग्रहण करते हैं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Webduniya Hindi