विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक इस बैठक में नई दिल्ली का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव विक्रम मिस्री कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि ब्रिटेन की ओर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा के लिए भारत समेत कई देशों को आमंत्रित किया गया है। हमारी तरफ से विदेश सचिव आज शाम इस बैठक में भाग ले रहे हैं।
Hormuz पर भारत को ईरान का भरोसा, सुरक्षित हैं भारतीय, ट्रंप ने दी ईरान को खत्म करने की चेतावनी
भारत के लिए रणनीतिक प्रयास
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब दुनिया के इस प्रमुख ऊर्जा मार्ग में स्थिरता बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास तेज हो गए हैं। भारत मध्य पूर्व के देशों, विशेषकर ईरान के साथ संपर्क में है ताकि भारतीय जहाजों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे। जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हम ईरान और अन्य देशों के संपर्क में हैं ताकि यह देखा जा सके कि हमारे जहाजों के लिए सुरक्षित और अबाधित पारगमन (Safe Transit) कैसे सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने आगे बताया कि यह संपर्क परिणाम भी दे रहा है। जायसवाल ने कहा कि पिछले कई दिनों से जारी बातचीत के माध्यम से, छह भारतीय जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार करने में सफल रहे हैं, और हम संबंधित पक्षों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। विशेष रूप से मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी में काफी चयनात्मक (Selective) रुख अपनाया है। भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है जिसके ईंधन ले जाने वाले मालवाहक जहाजों को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है।
बैठक से अमेरिका नदारद
ब्रिटेन द्वारा वर्चुअली बुलाई गई इस बैठक में अमेरिका शामिल नहीं हो रहा है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस रुख के बाद आया है जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद बंद हुए इस जलमार्ग को सुरक्षित करना वाशिंगटन का काम नहीं है।
ट्रम्प ने युद्ध में सहयोग न करने के लिए अपने यूरोपीय सहयोगियों की भी आलोचना की है और एक बार फिर अमेरिका को नाटो (NATO) से बाहर निकालने की धमकी दी है।
ब्रिटेन का रुख
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर के अनुसार, यह वार्ता सैन्य साधनों के बजाय राजनीतिक और राजनयिक समाधान पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, "यह हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के हमारे अंतरराष्ट्रीय संकल्प की ताकत को दर्शाता है। हमने देखा है कि ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग का अपहरण किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेल और खाद्य कीमतों में 'अस्थिर' उछाल दुनिया के हर कोने में घरों और व्यवसायों को प्रभावित कर रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

