टीवीके के शुरुआती रुझानों में आगे रहने के बावजूद, कृष्णगिरि जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने चुनावी माहौल में समर्थकों के भावनात्मक जुड़ाव और अफवाहों के खतरे पर एक नई बहस छेड़ दी है। टीवीके 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह पिछले 49 वर्षों में किसी भी नए राजनीतिक दल और फिल्मी हस्ती द्वारा की गई सबसे बड़ी चुनावी शुरुआत मानी जा रही है।
जहां एक ओर टीवीके की इस सफलता से पार्टी समर्थकों में जश्न का माहौल है, इसी बीच कृष्णगिरि टाउन से एक ऐसी खबर आई, जिसने सभी को चौंका दिया। वोटों की गिनती शुरू होने से ठीक पहले, टीवीके प्रमुख थलपति विजय की कथित चुनावी हार की अफवाह सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैल गई।

घायल को तुरंत कृष्णगिरि सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका सघन इलाज चल रहा है। कृष्णगिरि टाउन पुलिस स्टेशन के अधिकारी के अनुसार, महेंद्रन की हालत गंभीर है, लेकिन वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं और पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच-पड़ताल कर रही है।
यह घटना राजनीति और मनोरंजन के जुड़ाव को तो दर्शाती ही है, साथ ही यह भी उजागर करती है कि चुनावी मौसम में अफवाहें कितनी घातक साबित हो सकती हैं। आज के डिजिटल युग में, जब तक कि चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आते, सोशल मीडिया पर चलने वाली अनवेरिफाइड और भ्रामक खबरें समर्थकों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर सकती हैं।
टीवीके के इस चुनाव में आगे रहने से तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 1977 में एम.जी. रामचंद्रन (MGR) के बाद पहली बार कोई बड़ा अभिनेता मुख्यमंत्री पद की रेस में इतना आगे दिखाई दे रहा है। देखना यह होगा कि अंतिम परिणाम क्या TVK को पूर्ण बहुमत की ओर ले जाते हैं या फिर एक त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती है।

