Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
TMC में बगावत, ऋतब्रत बनर्जी का 59 विधायकों के समर्थन का दावा; ममता बनर्जी की बढ़ी चिंता

TMC में बगावत, ऋतब्रत बनर्जी का 59 विधायकों के समर्थन का दावा; ममता बनर्जी की बढ़ी चिंता

TMC Politics : पश्चिम बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद ममता बनर्जी के हाथ से तृणमूल कांग्रेस भी जा सकती है। ऋतब्रत बनर्जी ने बुधवार को विधानसभा स्पीकर से मुलाकात कर करीब 59 विधायकों के समर्थन का दावा किया।
बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने गुट के असली होने का दावा करते हुए नेता प्रतिपक्ष पद पर भी दावा ठोका।

TMC से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी आज करीब 20 विधायकों के साथ बंगाल विधानसभा में दाखिल हुए और स्पीकर रथींद्र बोस से मुलाकात की। बागी गुट की ओर से ऋतब्रत बनर्जी को TMC के नए नेता प्रतिपक्ष (LoP) के तौर पर पेश किया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के नामांकन पर TMC विधायक मुस्तफिजुर रहमान ने कहा कि हमें सही आंकड़ा नहीं पता। मैं बाहर से सुन रहा हूं कि 59 हस्ताक्षर मिले हैं। मैं बस यही सुन रहा हूं। मैंने भी हस्ताक्षर किए हैं।

ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने सोमवार रात कोलकाता स्थित विधायक हॉस्टल में टीएमसी के कई विधायकों से मुलाकात की थी। इससे पहले टीएमसी के 80 विधायकों में से 60 ने ममता बनर्जी से दूरी बना ली। मंगलवार को ममता के धरने में भी मात्र 6 टीएमसी विधायक ही शामिल हुए।

कल्याण बनर्जी का स्पीकर को पत्र

इस बीच टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी विधानसभा अध्यक्ष को खुला पत्र लिखकर सोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की मांग की है। उन्होंने विधायक दल के लेटर के अनुसार, आशिमा पात्रा और नयना बंदोपाध्याय को डिप्टी लीडर ऑफ अपोजिशन बनाने की मांग की है। उन्होंने फिरहाद हाकिम को चीफ व्हीप बनाने का भी अनुरोध किया।

तृणमूल कांग्रेस में क्यों मचा बवाल?

दावा किया जा रहा है कि असंतुष्ट गुट शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने से नाराज है। साहा और बनर्जी का आरोप कि विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए प्रस्ताव में उनके फर्जी साइन थे। दोनों विधायकों का कहना है कि 6 मई की बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद कोलकाता के हरे स्ट्रीट थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। बाद में मामले की जांच CID को सौंप दी गई।

CID ने इस मामले में TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को जांच में शामिल होने और प्रस्ताव की ओरिजिनल कॉपी पेश करने के लिए नोटिस भेजा था। इसके बाद TMC ने दोनों विधायकों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

क्या है ममता का दावा?

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक पर वीडियो मैसेज जारी कर भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस TMC विधायकों पर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का दबाव बना रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराने-धमकाने या रिश्वत देकर TMC को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

edited by : Nrapendra Gupta

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Webduniya Hindi