World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला एक ऐसा वैश्विक महाअभियान है, जो हमें याद दिलाता है कि यह धरती हमारा इकलौता घर है और इसकी हिफाजत करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
आज के समय में जब ग्लोबल वार्मिंग, प्रदूषण और तेजी से कटते जंगल हमारे अस्तित्व के लिए खतरा बन चुके हैं। आइये आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम आपके लिए यहां प्रस्तुत कर रहे हैं विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास और 2026 की खास थीम के बारे में...घर में गार्डनिंग का शौक हैं तो जान लीजिए पौधों से जुड़े ये गोल्डन वास्तु रूल्स
विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास: World Environment Day History
विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत आज से करीब 54 साल पहले हुई थी। इसकी कहानी कुछ इस तरह है:
1. स्टॉकहोम सम्मेलन (1972)
पर्यावरण प्रदूषण और धरती को हो रहे नुकसान को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 5 जून से 16 जून 1972 तक स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में एक बड़ा वैश्विक तथा विश्व भर के देशों का पहला पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया। जिसमें 119 देशों ने भाग लिया और पहली बार एक ही पृथ्वी का सिद्धांत मान्य किया।
इसे 'स्टॉकहोम कॉन्फ्रेंस ऑन ह्यूमन एनवायरमेंट' कहा जाता है। इसी सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव पारित कर हर साल 5 जून को 'विश्व पर्यावरण दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की। साथ ही, पर्यावरण की देखरेख के लिए UNEP (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम) का गठन भी किया गया।
2. पहला पर्यावरण दिवस (1973)
घोषणा के अगले ही साल यानी 5 जून 1973 को पहली बार आधिकारिक तौर पर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। उस समय इसकी पहली थीम 'केवल एक पृथ्वी' (Only One Earth) रखी गई थी।
3. वैश्विक अभियान और मेजबानी (1987 से)
शुरुआत में यह दिन सामान्य रूप से मनाया जाता था, लेकिन साल 1987 से संयुक्त राष्ट्र ने एक नया नियम बनाया। इसके तहत हर साल इस दिन को मनाने के लिए एक अलग देश को मेजबान (Host) चुना जाता है और एक खास थीम तय की जाती है, ताकि पूरी दुनिया का ध्यान पर्यावरण से जुड़ी किसी एक गंभीर समस्या पर केंद्रित किया जा सके।
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 19 नवंबर 1986 से लागू हुआ। उसके जल, वायु, भूमि- इन तीनों से संबंधित कारक तथा मानव, पौधों, सूक्ष्म जीव, अन्य जीवित पदार्थ आदि पर्यावरण के अंतर्गत आते हैं। आज इस अभियान से दुनिया के 143 से ज्यादा देश जुड़ चुके हैं, जहां सरकारी स्तर से लेकर स्कूलों और मोहल्लों तक पेड़ लगाने, प्लास्टिक हटाने और पर्यावरण को बचाने की कसमें खाई जाती हैं।
आपको बता दें कि पर्यावरण-सुरक्षा की दिशा में भारत के प्रारंभिक कदम के तौर पर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 'पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति एवं उसका विश्व के भविष्य पर प्रभाव' विषय पर व्याख्यान दिया था। और तभी से हम प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मना रहे हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम: World Environment Day Theme 2026
वर्ष 2026 के लिए विश्व पर्यावरण दिवस की आधिकारिक थीम निम्न तय की गई है:
'प्रकृति से प्रेरित। जलवायु के लिए। हमारे भविष्य के लिए।' (Inspired by Nature. For Climate. For Our Future)
अभियान का संदेश (Campaign Message): इस वर्ष का मुख्य नारा #NowFor Climate (अब जलवायु के लिए) है, जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ तुरंत कदम उठाने की मांग करता है।
मेजबान देश (Host Country): 2026 की वैश्विक गतिविधियों और मुख्य समारोह की मेजबानी अज़रबैजान (Azerbaijan) देश कर रहा है, और इसका आयोजन वहां की राजधानी बाकू (Baku) में किया गया है।
मुख्य उद्देश्य: इस थीम का फोकस इस बात पर है कि हम जलवायु संकट (Climate Change) से निपटने के लिए प्रकृति से सीखें। जंगलों को बचाना, अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) को अपनाना और इकोसिस्टम को दोबारा जिंदा करना ही हमारे सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।
"धरती हमारी नहीं, हम धरती के हैं। पर्यावरण की रक्षा ही भविष्य की सुरक्षा है।"
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।World Environment Day Wishes: विश्व पर्यावरण दिवस पर हरियाली का संदेश: शुभकामनाएं, विचार और प्रेरक पंक्तियां

