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3 साल से फरार कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर EOW सख्त, बेटे वैभव से दिनभर हुई पूछताछ

3 साल से फरार कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर EOW सख्त, बेटे वैभव से दिनभर हुई पूछताछ

Yash Bharat 4 days ago

3 साल से फरार कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर EOW सख्त, बेटे वैभव से दिनभर हुई पूछताछ

रायपुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की तलाश में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है।

लंबे समय से फरार चल रहे अग्रवाल का सुराग लगाने के लिए मंगलवार को ईओडब्ल्यू ने उनके बेटे वैभव अग्रवाल को तलब किया और दिनभर कड़ी पूछताछ की।

ईओडब्ल्यू के दफ्तर में हुई इस लंबी पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने वैभव अग्रवाल से उनके पिता रामगोपाल अग्रवाल के लापता होने से ठीक पहले की गतिविधियों (Activities), पारिवारिक माहौल और व्यावसायिक परिस्थितियों को लेकर कई तीखे सवाल पूछे।

जांच एजेंसी इस समय उपलब्ध दस्तावेजों, पूर्व में दर्ज किए गए बयानों और अन्य पुख्ता साक्ष्यों का मिलान (Verification) कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, वैभव से देर रात तक पूछताछ का सिलसिला चलता रहा। इस मामले में सभी संभावित और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्यों को भी समन जारी किया जा सकता है।

कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ चल रहे मामलों के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक उन पर निम्नलिखित घोटालों में सीधे संलिप्तता के आरोप हैं:

  • शराब घोटाला: लगभग ₹3,200 करोड़ का कथित आबकारी घोटाला।
  • कोल लेवी घोटाला: कोयला परिवहन पर अवैध वसूली का ₹500 करोड़ का प्रकरण।
  • कस्टम मिलिंग घोटाला: ₹127 करोड़ का प्रोत्साहन राशि घोटाला।

दुबई में छिपे होने की थी आशंका: जांच एजेंसियों को पूर्व में इनपुट मिले थे कि रामगोपाल अग्रवाल देश के अलग-अलग राज्यों या फिर दुबई (UAE) में छिपे हो सकते हैं, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद अब तक उनका कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लगा है।

रामगोपाल अग्रवाल का सियासी रसूख तत्कालीन सरकार में कितना मजबूत था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2018 में कांग्रेस सरकार के गठन के बाद उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि और शराब घोटाले से जुड़े इस पूरे वित्तीय लेनदेन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी समानांतर रूप से कर रही है।

रामगोपाल अग्रवाल के अचानक फरार हो जाने के बाद से प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) में कोषाध्यक्ष पद से जुड़े वित्तीय अधिकार (Financial Rights) और बैंकिंग दस्तावेजों के संचालन में बड़ा बदलाव आया है। राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, अब इन खातों और दस्तावेजों की कमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू के हाथों में सौंप दी गई है। ईओडब्ल्यू की इस ताजा सख्ती के बाद छत्तीसगढ़ के सियासी हलकों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।

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