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भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अब 'स्पीड पोस्ट' और कागजी चिट्ठियों पर लगी पूरी रोक, पूरी तरह डिजिटल होगा कामकाज

भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अब 'स्पीड पोस्ट' और कागजी चिट्ठियों पर लगी पूरी रोक, पूरी तरह डिजिटल होगा कामकाज

Yash Bharat 1 week ago

भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अब 'स्पीड पोस्ट' और कागजी चिट्ठियों पर लगी पूरी रोक, पूरी तरह डिजिटल होगा कामकाज

नई दिल्ली। पेपरलेस गवर्नेंस (Paperless Governance) और डिजिटल इंडिया की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए भारतीय रेलवे ने अपने प्रशासनिक कामकाज में बड़ा बदलाव किया है।

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल, प्रोडक्शन यूनिट्स और विभागों के बीच होने वाले तमाम पारंपरिक और कागजी पत्राचार पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगा दी है।

अब रेलवे के रूटीन कामकाज के लिए स्पीड पोस्ट या डाक के जरिए कागजी चिट्ठियां नहीं भेजी जाएंगी। रेलवे का सारा कामकाज अब पूरी तरह से डिजिटल मोड में आ गया है।

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब सभी तरह का विभागीय पत्राचार केवल ई-ऑफिस (e-Office) प्लेटफॉर्म और आधिकारिक ईमेल आईडी के जरिए ही किया जाएगा। रेलवे बोर्ड के संयुक्त सचिव टी. श्रीनिवास द्वारा इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अब 'स्पीड पोस्ट' और कागजी चिट्ठियों पर लगी पूरी रोक, पूरी तरह डिजिटल होगा कामकाज

इस डिजिटल बदलाव को केवल मुख्यालयों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे रेलवे के अंतिम छोर तक लागू करने की तैयारी है:

  • यह आदेश सभी मंडलों (Divisions), वर्कशॉप और डिपो स्तर तक कड़ाई से लागू किया जाएगा।

  • बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण के बावजूद अब तक मंडल और डिपो से रोजाना सैकड़ों की संख्या में रिमाइंडर, रिपोर्ट और जानकारियां कागजी प्रारूप (Hard Copy) में भेजी जा रही थीं, जिस पर अब पूरी तरह बैन लगा दिया गया है।

1. कामकाज में आएगी रफ्तार: डाक या स्पीड पोस्ट के इंतजार में फाइलों के अटकने का सिलसिला खत्म होगा। क्लिक करते ही जानकारी संबंधित अधिकारी तक पहुंच जाएगी।

2. फाइलों के अंबार से मुक्ति: कार्यालयों में पुरानी कागजी फाइलों को स्टोर करने की जो एक बहुत बड़ी समस्या थी, उससे हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

3. पर्यावरण और बजट की बचत: कागजों का इस्तेमाल बंद होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्टेशनरी व डाक टिकटों पर होने वाला भारी-भरकम खर्च भी बचेगा।

भारतीय रेलवे का यह कदम सरकारी विभागों को पूरी तरह आधुनिक, पारदर्शी और हाइटेक बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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