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बुढ़ापे का सहारा: "पीएम श्रमयोगी मानधन" योजना से असंगठित श्रमिकों को मिलेगी हर महीने ₹3000 पेंशन

बुढ़ापे का सहारा: "पीएम श्रमयोगी मानधन" योजना से असंगठित श्रमिकों को मिलेगी हर महीने ₹3000 पेंशन

Yash Bharat 3 months ago

बुढ़ापे का सहारा: "पीएम श्रमयोगी मानधन" योजना से असंगठित श्रमिकों को मिलेगी हर महीने ₹3000 पेंशन

​कटनी। असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वृद्धावस्था में आर्थिक तंगी से बचाने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा "प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना" का संचालन किया जा रहा है।

इस कल्याणकारी योजना के तहत रिक्शा चालक, फेरीवाले, निर्माण मजदूर, घरेलू कामगार, दर्जी, पान विक्रेता और छोटे दुकानदारों सहित वे सभी श्रमिक लाभ ले सकते हैं, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये या उससे कम है।

​जिला श्रम अधिकारी श्री के बी मिश्रा ने योजना की बारीकियों की जानकारी देते हुए बताया कि लाभ लेने के लिए श्रमिक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो श्रमिक पहले से ही कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) या कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के दायरे में आते हैं या उसके अंतर्गत लाभान्वित हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे।

​यह योजना पूरी तरह से स्वैच्छिक और अंशदायी (Contribution-based) है [cite: uploaded:आदेश नगर पालिका परिषद-नगर परिषदों में एल्_डरमेन नियुक्_ति के संबंध में.pdf]। इसमें लाभार्थी को अपनी उम्र के हिसाब से हर महीने एक निश्चित प्रीमियम (अंशदान) जमा करना होता है [cite: uploaded:आदेश नगर पालिका परिषद-नगर परिषदों में एल्_डरमेन नियुक्_ति के संबंध में.pdf]। खास बात यह है कि जितनी राशि श्रमिक द्वारा जमा की जाएगी, उतनी ही बराबर की राशि केंद्र सरकार भी अपनी ओर से श्रमिक के पेंशन खाते में जमा करेगी।

​योजना के प्रावधानों के अनुसार, जैसे ही लाभार्थी श्रमिक 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेगा, उसे प्रति माह न्यूनतम 3,000 रुपये की सुनिश्चित पेंशन राशि मिलना शुरू हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि पेंशन मिलने के दौरान किसी कारणवश लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके जीवनसाथी (पति/पत्नी) या नामांकित व्यक्ति को पेंशन की आधी राशि (50 प्रतिशत) पारिवारिक पेंशन के तौर पर निरंतर मिलती रहेगी।

  • ​कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): इच्छुक श्रमिक अपने नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने साथ आधार कार्ड और बैंक पासबुक ले जाना अनिवार्य होगा।
  • ​ऑनलाइन सेल्फ-रजिस्ट्रेशन: श्रमिक चाहें तो स्वयं भी योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल maandhan.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • ​ई-श्रम कार्ड जरूरी: योजना से जुड़ने के लिए ई-श्रम कार्ड होना आवश्यक है। यदि किसी के पास यह कार्ड नहीं है, तो वह सीएससी केंद्र पर आधार और बैंक पासबुक के जरिए इसे तुरंत बनवा सकता है।

​जिला श्रम अधिकारी ने कटनी जिले के सभी पात्र असंगठित श्रमिकों से अपील की है कि वे अपना पंजीकरण जल्द से जल्द कराएं और अपने भविष्य को सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाएं।

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