ज्वाइनिंग के बिना नहीं मिलेगा वेतन: कटनी में 10 शिक्षकों का संलग्नीकरण समाप्त, लापरवाही पर BEO और प्राचार्यों पर गिरेगी गाज
कटनी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में गैर-शैक्षणिक कार्यों (Non-teaching duties) में संलग्न शिक्षकों को वापस उनके मूल विद्यालयों में भेजने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा समीक्षा बैठक में दिए गए सख्त निर्देशों के बाद मंगलवार को ऐसे 10 शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर उनकी मूल पदस्थापना वाली शालाओं में उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश जारी कर दिया गया है।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि:
संलग्नीकरण समाप्त किए गए सभी 10 शिक्षकों को मूल स्कूलों में ज्वाइनिंग देने और उसकी पुष्टि होने के बाद ही वेतन आहरित किया जाएगा।
यदि आदेशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अवहेलना पाई जाती है, तो संबंधित संकुल प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की जवाबदेही तय करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
श्री मुकेश कुमार बर्मन (प्राथमिक शिक्षक): निर्वाचन शाखा ढीमरखेड़ा ➔ शा. प्रा. शाला सारंगपुर (ढीमरखेड़ा)।
श्री प्रदीप बर्मन (प्राथमिक शिक्षक): आपदा प्रबंधन ढीमरखेड़ा ➔ शा. मा. शाला झाकाझोर (ढीमरखेड़ा)।
श्री भूपलाल पटेल (प्राथमिक शिक्षक): आपदा प्रबंधन ढीमरखेड़ा ➔ शा. मा. शाला ठिर्री (ढीमरखेड़ा)।
श्री अरुण कुमार पटेल (माध्यमिक शिक्षक): आपदा प्रबंधन ढीमरखेड़ा ➔ शा. मा. शाला बहरिया (ढीमरखेड़ा)।
श्री अश्वनी पटेल (प्राथमिक शिक्षक): आपदा प्रबंधन ढीमरखेड़ा ➔ शा. प्रा. शाला सनकुई (ढीमरखेड़ा)।
श्री रामसहाय बर्मन (प्राथमिक शिक्षक): तहसील/जनगणना शाखा ➔ पीएमश्री उ.मा.वि. कैलवाराकला।
श्री अतुल आनंद अवस्थी (प्राथमिक शिक्षक): तहसील/जनगणना शाखा ➔ शा. प्रा. शाला हरदुआ नं. 2 (कटनी)।
श्री विवेक कुमार दुबे (उच्च माध्यमिक शिक्षक): जिला जनगणना शाखा कलेक्ट्रेट ➔ शा. उ. मा. शाला पिपरौंध।
श्री कमलेश कुमार यादव (प्राथमिक शिक्षक): तहसील कार्यालय बहोरीबंद ➔ शा. प्रा. शाला धनिया कूड़ा (बहोरीबंद)।
श्री महेंद्र कुमार झारिया (सहायक शिक्षक): अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय बहोरीबंद ➔ शा. मा. शाला सुपेली (बहोरीबंद)।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि आपदा प्रबंधन, निर्वाचन, तहसील कार्यालयों और जनगणना शाखा जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त कर वापस कक्षाओं में भेजा जाए, ताकि किसी भी सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी न हो और विद्यार्थियों का अध्ययन कार्य प्रभावित न हो। ज्वाइनिंग के बिना नहीं मिलेगा वेतन: कटनी में 10 शिक्षकों का संलग्नीकरण समाप्त, लापरवाही पर BEO और प्राचार्यों पर गिरेगी गाज

