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नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास

Yash Bharat 1 week ago

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को 20-20 वर्ष का सश्रम कारावा

कटनी। नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में अनन्य विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, कटनी की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

साथ ही दोनों आरोपियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले में पीड़िता को एक लाख रुपये प्रतिकर राशि दिलाए जाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी पत्र लिखा गया है।

अभियोजन के अनुसार थाना कुठला में दर्ज अपराध क्रमांक 419/2025 एवं विशेष प्रकरण क्रमांक एससी 19/25 में आरोपी संतोष उर्फ कल्लू पिता शिवप्रसाद (21), निवासी लमतरा फाटक, थाना कुठला तथा रज्जन उर्फ टाइसन पिता शेखर उर्फ किशोर (19), निवासी लमतरा फाटक को दोषसिद्ध किया गया।

मामले में आरोपी संतोष को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 100 रुपये अर्थदंड तथा दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 100-100 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। वहीं आरोपी रज्जन उर्फ टाइसन को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(1) एवं पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में 10 वर्ष तथा 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

अभियोजन के अनुसार 17 वर्षीय बालिका की आरोपी संतोष से पूर्व से जान-पहचान थी। आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में 25 मई 2025 को वह बालिका को कटनी से उज्जैन ले गया, जहां मंदिर में शादी करने के बाद दोनों राजकोट चले गए और वहां किराये के कमरे में रहने लगे। बालिका के घर से चले जाने पर उसके पिता ने थाना कुठला में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने राजकोट पहुंचकर बालिका को बरामद किया, जिसके बाद उसने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी।

विवेचना के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए गए। आरोपी संतोष की डीएनए रिपोर्ट नकारात्मक आने के बाद अग्रिम विवेचना की गई। बालिका के पुनः कथन में आरोपी रज्जन उर्फ टाइसन के साथ पूर्व से शारीरिक संबंध होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद आरोपी का रक्त नमूना परीक्षण के लिए आरएफएसएल जबलपुर भेजा गया, जिसकी डीएनए रिपोर्ट सकारात्मक प्राप्त हुई। इसके आधार पर उसके विरुद्ध पूरक अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

विचारण के दौरान न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहों, दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। शासन की ओर से मामले में विशेष लोक अभियोजक एवं जिला अभियोजन अधिकारी श्री आशुतोष द्विवेदी ने पैरवी की। मामले की जानकारी मीडिया सेल प्रभारी सुरेंद्र कुमार गर्ग द्वारा दी गई।

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