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राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का अपमान अब होगा अपराध-संसद के दोनों सदनों से पास हुआ नया विधेयक; 3 साल तक की जेल का प्रावधान

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का अपमान अब होगा अपराध-संसद के दोनों सदनों से पास हुआ नया विधेयक; 3 साल तक की जेल का प्रावधान

Yash Bharat 2 weeks ago

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का अपमान अब होगा अपराध-संसद के दोनों सदनों से पास हुआ नया विधेयक; 3 साल तक की जेल का प्रावधान

नेशनल डेस्क (नई दिल्ली): संसद ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के अपमान को आपराधिक अपराध बनाने वाले ऐतिहासिक संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है।

राज्यसभा से पारित होने के बाद गुरुवार (30 जुलाई 2026) को लोकसभा ने विपक्षी हंगामे के बीच 'द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) बिल, 2026' को ध्वनि मत (Voice Vote) से पारित कर दिया।

राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह संशोधन विधेयक औपचारिक रूप से कानून का रूप ले लेगा। सदन में NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी सांसदों का विरोध और नारेबाजी जारी रही, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत बिल को पारित कर दिया गया।

यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) में संशोधन कर 'वंदे मातरम' को इसके दायरे में शामिल करता है:

  • सजा का नियम: वर्तमान में संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल का नियम लागू है।

  • वंदे मातरम का दर्जा: अब नए कानून के लागू होते ही 'वंदे मातरम' के गायन के दौरान अपमान करने, रुकावट डालने या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी फैलाने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

यह विधेयक केंद्र सरकार द्वारा 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मनाने के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है: राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का अपमान अब होगा अपराध-संसद के दोनों सदनों से पास हुआ नया विधेयक; 3 साल तक की जेल का प्रावधान

  • रचना व प्रकाशन: 'वंदे मातरम' की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा वर्ष 1875 में की गई थी, जो पहली बार 1882 में उनके प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में प्रकाशित हुआ था।

  • सांस्कृतिक चेतना: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में कहा कि यह बिल भारत की आजादी की लड़ाई, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने के उद्देश्य से लाया गया है।

24 जुलाई 2026: यह बिल सबसे पहले राज्यसभा में पेश किया गया।

29 जुलाई 2026: राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और विपक्षी दलों (कांग्रेस व अन्य) के वॉकआउट के बाद यह बिल पास हुआ।

30 जुलाई 2026: लोकसभा ने शोर-शराबे और हंगामे के बीच इस संशोधन बिल पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।

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