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RBI की बड़ी कार्रवाई: ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलने पर 'बैंक ऑफ बड़ौदा' पर लगा ₹63 लाख का जुर्माना, GIC हाउसिंग भी फंसी

RBI की बड़ी कार्रवाई: ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलने पर 'बैंक ऑफ बड़ौदा' पर लगा ₹63 लाख का जुर्माना, GIC हाउसिंग भी फंसी

Yash Bharat 3 months ago

RBI की बड़ी कार्रवाई: ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलने पर 'बैंक ऑफ बड़ौदा' पर लगा ₹63 लाख का जुर्माना, GIC हाउसिंग भी फंसी

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के बड़े सरकारी बैंकों में शामिल 'बैंक ऑफ बड़ौदा' (Bank of Baroda) पर नियमों की अनदेखी करने को लेकर सख्त कदम उठाया है।

केंद्रीय बैंक ने ग्राहकों से जुड़े नियमों के उल्लंघन और लोन पर तय सीमा से अधिक ब्याज वसूलने के आरोप में बैंक ऑफ बड़ौदा पर 63.60 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है।

इसके साथ ही, नियमों में लापरवाही बरतने के कारण जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (GIC Housing Finance) पर भी वित्तीय पेनाल्टी लगाई गई है। RBI की बड़ी कार्रवाई: ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलने पर 'बैंक ऑफ बड़ौदा' पर लगा ₹63 लाख का जुर्माना, GIC हाउसिंग भी फंसी

यह पूरा मामला सीधे तौर पर आम बैंक ग्राहकों के हितों से जुड़ा है। आरबीआई की जांच और ऑडिट में यह बेहद गंभीर बात सामने आई कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने कुछ लोन खातों पर तय दरों से कहीं ज्यादा ब्याज वसूला था।

यह कार्रवाई सीधे तौर पर 'उधार देने वालों के लिए उचित व्यवहार संहिता' (Fair Practices Code) का उल्लंघन है। ग्राहकों से तय शर्तों से अधिक पैसा वसूलना बैंकिंग सिस्टम की पारदर्शिता और भरोसे पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ब्याज की ओवर-चार्जिंग के अलावा, बैंक ऑफ बड़ौदा को अपने ग्राहकों की केवाईसी (KYC) प्रक्रिया में भी दोषी पाया गया है। रिजर्व बैंक के कड़े दिशा-निर्देशों के मुताबिक, बैंकों को अपने ग्राहकों का डेटा एक निश्चित समय के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (CKYCR) पर अपलोड करना अनिवार्य होता है, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा पूरी तरह नाकाम रहा।

कैसे तय हुआ जुर्माना? आरबीआई ने 31 मार्च 2025 तक की वित्तीय स्थिति को आधार बनाकर बैंक का विस्तृत ऑडिट किया था। इसके बाद बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दिए गए लिखित जवाब और निजी सुनवाई के दौरान पेश की गई दलीलों से जब आरबीआई संतुष्ट नहीं हुआ, तो 30 जून 2026 को आदेश जारी कर यह पेनाल्टी लगा दी गई।

केंद्रीय बैंक की यह सख्ती केवल बैंक ऑफ बड़ौदा तक ही सीमित नहीं रही। हाउसिंग फाइनेंस क्षेत्र की कंपनी जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड पर भी नियमों की अनदेखी के लिए 3.1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है।

नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) द्वारा किए गए निरीक्षण में यह बात सामने आई कि यह कंपनी अपने लोन खातों की 'रिस्क कैटेगरी' (Risk Category) का हर छह महीने में रिव्यू (समीक्षा) करने वाले अनिवार्य सिस्टम को लागू करने में विफल रही थी। RBI की बड़ी कार्रवाई: ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलने पर 'बैंक ऑफ बड़ौदा' पर लगा ₹63 लाख का जुर्माना, GIC हाउसिंग भी फंसी

आरबीआई ने साफ किया है कि दोनों ही मामलों में यह कार्रवाई पूरी तरह से रेगुलेटरी अनुपालन (Regulatory Compliance) में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य ग्राहकों के साथ बैंक के किसी भी मौजूदा लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है।

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