भारत की उभरती EPC (Engineering, Procurement और Construction) कंपनियों में शामिल Vikran Engineering को बड़ा ऑर्डर मिला है. रेगुलेटरी फाइलिंग के दौरान कंपनी ने इसकी जानकारी दी. कंपनी ने बताया कि उसे महाराष्ट्र में पावर डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 530.80 करोड़ रुपए (GST को छोड़कर) के दो बड़े प्रोजेक्ट्स मिले हैं.
ये दोनों ऑर्डर महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन (MSEDCL) की ओर से दिए गए हैं, जो महाराष्ट्र सरकार के तहत काम करने वाली कंपनी है. सोमवार को बाजार खुलने के बाद इस शेयर में एक्शन देखने को मिल सकता है.
5 प्वाइंट्स में जानें समरी

इन 2 जोन में होगा काम
यह प्रोजेक्ट एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की ओर से फंडेड पावर डिस्ट्रीब्यूशन एन्हान्समेंट प्रोग्राम के तहत दिए गए हैं और इन्हें नेशनल कॉम्पिटिटिव बिडिंग के जरिए हासिल किया गया है. इस डील के तहत कंपनी को महाराष्ट्र के नासिक और कोल्हापुर जोन में पावर नेटवर्क को मजबूत करने का काम मिलेगा.
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नासिक और कोल्हापुर जोन में मिला काम
कंपनी को मिले ऑर्डर दो हिस्सों में बंटे हुए हैं.
- नासिक जोन: ₹235.63 करोड़
- कोल्हापुर जोन: ₹295.17 करोड़
दोनों प्रोजेक्ट्स को मिलाकर कुल वैल्यू 530.80 करोड़ रुपए की है. ये दोनों ही प्रोजेक्ट राज्य के अलग-अलग इलाकों में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं.
क्या-क्या काम करेगी कंपनी?
इन प्रोजेक्ट्स के तहत कंपनी को टर्नकी बेसिस पर पूरा काम करना होगा, यानी शुरुआत से लेकर आखिर तक सारी जिम्मेदारी कंपनी की होगी.
इनमें शामिल हैं:
- साइट सर्वे और प्लानिंग
- डिजाइन और इंजीनियरिंग
- मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग
- उपकरणों की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट
- इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग
- डॉक्यूमेंटेशन और सिविल वर्क
किन इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा काम?
इस प्रोजेक्ट के तहत कई बड़े और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जाएंगे:
- नए 33/11 kV, 22/11 kV और 33/22 kV सबस्टेशन
- 33 kV, 22 kV और 11 kV ट्रांसमिशन लाइन्स
- पावर ट्रांसफॉर्मर और सबस्टेशन का अपग्रेडेशन
- डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर्स
- LT और HT/LT अंडरग्राउंड केबलिंग
- GIS मैपिंग और एसेट टैगिंग
कितना समय लगेगा?
दोनों प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए कंपनी को 21 महीने का समय दिया गया है. यानी करीब दो साल के भीतर यह पूरा काम खत्म करना होगा.
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कंपनी मैनेजमेंट ने क्या कहा?
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश मारखेडकर ने कहा कि ये ऑर्डर कंपनी की तकनीकी क्षमता और बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की क्षमता का मजबूत प्रमाण है. उन्होंने यह भी कहा कि नेशनल लेवल पर कॉम्पिटिटिव बिडिंग के जरिए दोनों प्रोजेक्ट्स जीतना कंपनी के इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कौशल को दिखाता है.
कंपनी के लिए क्या मायने?
इन ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत होगी और आगे ग्रोथ की संभावनाएं बढ़ेंगी.
साथ ही:
- महाराष्ट्र में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा
- बिजली सप्लाई में सुधार आएगा
- देश के एनर्जी सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा
Vikran Engg के स्टॉक का प्रदर्शन
स्टॉक की चाल देखें तो हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन ये शेयर मामूली गिरावट के साथ 55.38 रुपए के भाव पर बंद हुआ था. स्टॉक का 52 वीक हाई 118.40 रुपए है और 52 वीक लो 51.11 रुपए है. बाकी स्टॉक की परफॉर्मेंस नीचे दी गई है.
| Duration | Change % |
| 1 हफ्ता | -7.19 |
| 2 हफ्ता | -7.75 |
| 1 महीना | -16.70 |
| 3 महीना | -44.15 |
| YTD | -44.95 |
| 6 महीना | -42.50 |

