Dailyhunt
आने वाले दिनों में IT शेयरों का क्या होगा? CITI की 'कॉशियस' रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन, हाथ मलते रह जाएंगे निवेशक

आने वाले दिनों में IT शेयरों का क्या होगा? CITI की 'कॉशियस' रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन, हाथ मलते रह जाएंगे निवेशक

शेयर बाजार में पैसा लगाना जितना आसान दिखता है, उतना ही मुश्किल होता है सही वक्त पर सही फैसले लेना. पिछले कुछ समय से भारतीय IT सेक्टर के निवेशक एक ऐसी उलझन में फंसे हैं, जिसका सिरा मिलता नहीं दिख रहा.

अगर आप भी अपने पोर्टफोलियो में IT शेयर दबाए बैठे हैं, तो ठहर जाइए. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सिटी (CITI) की ताजा रिपोर्ट ने जो संकेत दिए हैं, वे किसी ठंडी हवा के झोंके की तरह नहीं, बल्कि एक चेतावनी की तरह आए हैं.

बाजार की चमक-धमक के बीच IT इंडेक्स का फीका पड़ना कोई छोटी बात नहीं है. इस साल अब तक जहां निफ्टी नई ऊंचाइयों को छूने की कोशिश कर रहा है, वहीं NSE IT इंडेक्स उससे करीब 15 फीसदी पीछे रह गया है. यह अंतर बताता है कि इस सेक्टर में कहीं न कहीं कुछ ऐसा है जो निवेशकों को डरा रहा है. ऊपर से कॉग्निजेंट के ताजा नतीजों ने आग में घी डालने का काम किया है.

कॉग्निजेंट के नतीजे

कॉग्निजेंट ने साल 2026 की पहली तिमाही के आंकड़े पेश किए हैं. देखने में तो ये नंबर अच्छे लगते हैं क्योंकि कंपनी का रेवेन्यू 5.8 फीसदी बढ़कर 5.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. लेकिन जैसे ही आप इसकी गहराई में उतरते हैं, कहानी बदल जाती है. कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ महज 3.9 फीसदी रही है.

ये भी पढ़ें: Risk भी, Reward भी! Federal Bank के शेयरों पर ₹260 से ₹340 तक टारगेट रेंज, जानिए करना है निवेश या रहना है दूर?

नतीजों की बड़ी बातों पर एक नज़र-

  • कुल रेवेन्यू 5.4 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर करीब 6 फीसदी बढ़ा है.
  • कंपनी ने पूरे साल के लिए अपनी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 4 से 6.5 फीसदी के बीच बरकरार रखा है.
  • गौर करने वाली बात यह है कि इस ग्रोथ में 150 बेसिस प्वाइंट का हिस्सा उन कंपनियों का है जिन्हें कॉग्निजेंट ने खरीदा है.
  • यानी कंपनी खुद के दम पर उतनी तेजी से नहीं बढ़ रही, जितनी वह खरीदारी के जरिए दिख रही है.

दिग्गजों की रेस में कौन कहां खड़ा है?

IT सेक्टर में जब तक तुलना न हो, तब तक बात अधूरी रहती है. कॉग्निजेंट के 3.9 फीसदी की कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ की तुलना जब हम अपने देश की दिग्गज कंपनियों से करते हैं, तो तस्वीर और साफ होती है.

कंपनी का नामकॉन्सटेंट करेंसी (CC) ग्रोथ (सालाना)
Cognizant3.9%
TCS-0.6%
Infosys4.1%
HCL Tech4.2%

इस टेबल को देखकर समझ आता है कि टीसीएस (TCS) फिलहाल संघर्ष कर रही है, जबकि इंफोसिस और एचसीएल टेक की रफ्तार कॉग्निजेंट से थोड़ी बेहतर बनी हुई है. सिटी का मानना है कि चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद अब पूरे सेक्टर को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह दिखाना जल्दबाजी होगी.

ये भी पढ़ें: 'डोमिनो इफेक्ट': तेल की कीमत बढ़ने से कमर्शियल गैस समेत सबकुछ महंगा! $126 पहुंचा क्रूड और सिलेंडर के दाम ₹1000 बढ़े

छोटे प्रोजेक्ट्स का सूखता दरिया

कॉग्निजेंट के मैनेजमेंट ने एक बहुत जरूरी बात कही है, जो पूरे IT सेक्टर के भविष्य का इशारा करती है. उनका कहना है कि 'डिस्क्रेशनरी प्रोजेक्ट्स' यानी वो छोटे काम जिन्हें कंपनियां अपनी मर्जी से रोक या शुरू कर सकती हैं, उनमें अभी भी सुस्ती बनी हुई है.

इसका मतलब क्या है?

  • बड़ी कंपनियां नए और छोटे तकनीकी प्रयोगों पर पैसा खर्च करने से बच रही हैं.
  • सिर्फ वही काम चल रहे हैं जो बहुत जरूरी हैं, जिससे नए ऑर्डर्स मिलने में देरी हो रही है.

मैनेजमेंट को आने वाली दूसरी तिमाही में 3.2 से 4.7 फीसदी की ग्रोथ की उम्मीद तो है, लेकिन यह सब बाजार की स्थितियों पर टिका है.

मार्जिन का खेल

एक तरफ रेवेन्यू को लेकर चिंता है, तो दूसरी तरफ मार्जिन को लेकर थोड़ी राहत भी है. कॉग्निजेंट ने अपने ऑपरेटिंग मार्जिन (EBIT) का अनुमान बढ़ाकर 16 से 16.2 फीसदी कर दिया है. पहली तिमाही में यह 15.6 फीसदी रहा, जो पिछले साल के मुकाबले थोड़ा बेहतर है.

मार्जिन से जुड़ी बड़ी बातें-

  • कंपनी अब अपनी लागत कम करने और बचत बढ़ाने पर ज्यादा जोर दे रही है.
  • पहले मार्जिन का अनुमान 15.9 से 16.1 फीसदी था, जिसे अब थोड़ा और ऊपर किया गया है.

मार्जिन में सुधार यह बताता है कि कंपनी मुश्किल वक्त में भी अपने मुनाफे को बचाना जानती है, लेकिन क्या सिर्फ बचत के दम पर शेयर के भाव बढ़ेंगे? यह बड़ा सवाल है.

निवेशकों के लिए खतरे की घंटी

सिटी की रिपोर्ट में 'कॉशियस' यानी सतर्क रहने की बात बार-बार कही गई है. IT सेक्टर का निफ्टी के मुकाबले 15 फीसदी कम रिटर्न देना यह साबित करता है कि बड़े फंड मैनेजर और संस्थागत निवेशक अभी इस सेक्टर से दूरी बना रहे हैं. जब तक ग्राउंड लेवल पर कंपनियों के खर्च करने की क्षमता नहीं बढ़ती, तब तक इन शेयरों में बड़ी तेजी की उम्मीद कम ही दिखती है.

निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

आंख बंद करके हर गिरावट पर खरीदारी करने से बचें. उन कंपनियों पर नजर रखें जिनका खुद का काम (Organic Growth) बढ़ रहा हो, न कि सिर्फ दूसरों को खरीदकर नंबर बड़े दिख रहे हों. ग्लोबल मार्केट की हलचल और विदेशी कंपनियों के बजट पर पैनी नजर रखें.

निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बात

IT सेक्टर के लिए साल 2026 अब तक किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहा है. सिटी की रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि भले ही कंपनियां अपने मार्जिन बचाने में कामयाब हो रही हैं, लेकिन असली चुनौती रेवेन्यू ग्रोथ की है.

कॉग्निजेंट के नंबरों ने बाजार को थोड़ा सहारा जरूर दिया है, लेकिन छोटे प्रोजेक्ट्स की सुस्ती और निफ्टी के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन यह इशारा कर रहे हैं कि अभी राह आसान नहीं है. अगर आप निवेशक हैं, तो आपको जोश में नहीं बल्कि होश में रहकर सही कंपनी का चुनाव करना होगा, वरना आप भी सिर्फ हाथ मलते रह जाएंगे.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सिटी (CITI) ने IT सेक्टर को लेकर क्या राय दी है?

सिटी ने भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर को लेकर 'कॉशियस' यानी सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि हालिया तिमाही नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे हैं.

IT इंडेक्स का प्रदर्शन कैसा रहा है?

साल 2026 में अब तक NSE IT इंडेक्स ने निफ्टी के मुकाबले करीब 15 फीसदी कम रिटर्न दिया है, जो सेक्टर में कमजोरी को दिखाता है.

कॉग्निजेंट का रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस क्या है?

कॉग्निजेंट ने साल 2026 के लिए अपनी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान 4 से 6.5 फीसदी के बीच रखा है, जिसमें अधिग्रहण से होने वाली ग्रोथ भी शामिल है.

TCS और इंफोसिस के मुकाबले कॉग्निजेंट कहां खड़ी है?

पहली तिमाही में कॉग्निजेंट की ग्रोथ 3.9% रही, जो TCS (-0.6%) से बेहतर लेकिन इंफोसिस (4.1%) और HCL टेक (4.2%) से थोड़ी कम है.

IT कंपनियों के मार्जिन पर क्या अपडेट है?

कॉग्निजेंट ने अपने सालाना मार्जिन गाइडेंस को बढ़ाकर 16-16.2% कर दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि कंपनियां अपनी बचत बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं.

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां स्‍टॉक्‍स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Zee Business Hindi