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Credit Card vs Personal Loan: क्‍या हैं फायदे और क्‍या नुकसान? पैसों की तंगी में कौन सा ऑप्‍शन है स्‍मार्ट चॉइस!

Credit Card vs Personal Loan: क्‍या हैं फायदे और क्‍या नुकसान? पैसों की तंगी में कौन सा ऑप्‍शन है स्‍मार्ट चॉइस!

Zee Business Hindi 3 months ago

ब अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तब सबसे पहले दिमाग में दो ऑप्शन आते हैं- क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन. दोनों ही अनसिक्योर्ड लोन हैं, यानी इनके लिए कोई गारंटी नहीं देनी पड़ती. यही वजह है कि इन्हें मुश्किल समय का साथी कहा जाता है.

लेकिन सवाल ये है कि किस हालात में क्रेडिट कार्ड सही है और कब पर्सनल लोन लेना ज्यादा समझदारी होगी? ये समझना बहुत जरूरी है क्‍योंकि गलत चुनाव आपके लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है. यहां जानिए इसके बारे में-

क्रेडिट कार्ड: बार-बार लोन लेने की सुविधा

क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें री-यूजेबल लिमिट मिलती है. मतलब, आपने कार्ड से खर्च किया, बिल चुकाया और फिर से उतनी ही लिमिट आपके लिए उपलब्ध हो गई. वहीं पर्सनल लोन में ऐसा नहीं होता. एक बार लोन खत्म करने के बाद दोबारा लोन चाहिए तो फिर से अप्लाई करना पड़ता है. उस वक्त फिर से आपका CIBIL स्कोर, इनकम और प्रोफाइल चेक होती है. बार-बार पर्सनल लोन लेने से क्रेडिट स्कोर पर नेगेटिव असर भी पड़ सकता है.

पर्सनल लोन में नहीं मिलता ग्रेस पीरियड

क्रेडिट कार्ड इसलिए भी पॉपुलर है क्योंकि इसमें आपको ग्रेस पीरियड मिलता है. अगर आपने इस तय समय में पूरा बिल चुका दिया, तो कोई ब्याज नहीं देना पड़ता. लेकिन जैसे ही ग्रेस पीरियड खत्म हुआ, ब्याज दर काफी ज्यादा हो जाती है. वहीं पर्सनल लोन में ऐसा कोई ऑप्शन नहीं होता. लोन लेते ही अगले महीने से EMI + ब्याज देना शुरू करना पड़ता है.

क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक का कस्टमर होना जरूरी नहीं

क्रेडिट कार्ड लेने के लिए ये जरूरी नहीं कि आपका उस बैंक में अकाउंट हो. जबकि पर्सनल लोन के लिए बैंक अकाउंट, सैलरी स्लिप, इनकम प्रूफ और KYC डॉक्यूमेंट्स देना जरूरी होता है. क्रेडिट कार्ड की प्रोसेस आमतौर पर ज्यादा आसान और तेज होती है.

रिवार्ड्स और कैशबैक: क्रेडिट कार्ड का बड़ा प्लस पॉइंट

क्रेडिट कार्ड से खर्च करने पर आपको रिवार्ड पॉइंट्स, कैशबैक, डिस्काउंट, गिफ्ट वाउचर जैसे फायदे मिलते हैं. पर्सनल लोन में ऐसा कोई बेनिफिट नहीं मिलता. वहां सिर्फ लोन और उसकी EMI होती है.

लोन क्लोज करने के नियम भी हैं अलग

क्रेडिट कार्ड का बकाया आप ग्रेस पीरियड में पूरा चुका सकते हैं या फिर EMI में बदल सकते हैं हालांकि EMI कन्वर्जन पर प्रोसेसिंग फीस, GST और प्रीपेमेंट चार्ज लग सकते हैं. पर्सनल लोन में अगर आप तय समय से पहले लोन बंद करना चाहते हैं, तो ज्यादातर बैंक प्रीपेमेंट पेनल्टी वसूलते हैं.

कब कौन सा ऑप्शन चुनना है?

अगर आपको छोटी रकम और कम समय के लिए पैसे चाहिए, तो क्रेडिट कार्ड बेहतर ऑप्शन है. लेकिन अगर रकम बड़ी है और उसे तुरंत लौटाना मुश्किल है, तो पर्सनल लोन लेना ज्यादा समझदारी होगी.

क्रेडिट कार्ड से बड़ी रकम लेकर अगर आप समय पर भुगतान नहीं कर पाए, तो ऊंचा ब्याज आपको कर्ज के जाल में फंसा सकता है. वहीं पर्सनल लोन में लंबी अवधि मिलती है, EMI छोटी होती है और भुगतान आसान रहता है.

FAQs

Q1. क्या क्रेडिट कार्ड से लोन लेना सुरक्षित है?
हां, अगर आप ग्रेस पीरियड में पूरा भुगतान कर देते हैं तो ये सुरक्षित और सस्ता ऑप्शन है.

Q2. पर्सनल लोन का ब्याज कम क्यों होता है?
क्योंकि इसमें तय EMI और लंबी अवधि होती है, जिससे रिस्क कम हो जाता है.

Q3. क्या बार-बार पर्सनल लोन लेने से नुकसान होता है?
हां, इससे आपका CIBIL स्कोर गिर सकता है और आगे लोन महंगा पड़ सकता है.

Q4. इमरजेंसी में तुरंत पैसा चाहिए तो क्या चुनें?
छोटी रकम के लिए क्रेडिट कार्ड और बड़ी रकम के लिए पर्सनल लोन चुनना बेहतर है.

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