रेटिंग एजेंसी Crisil ने भारत की FY26 GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 7% कर दिया है. कंपनी के मुताबिक, अप्रैल-सितंबर के पहले छह महीनों में 8% की दमदार ग्रोथ देखने को मिली, जिसने पूरे साल के आउटलुक को काफी मजबूत बना दिया.
दूसरी तिमाही (Q2) में भारत ने 8.2% की रियल GDP ग्रोथ हासिल की, जो एक्सपर्ट्स की उम्मीदों से काफी ऊपर थी. Crisil ने कहा कि यह तेजी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों सेक्टरों की शानदार परफॉर्मेंस की वजह से आई है.
नॉमिनल GDP ग्रोथ महंगाई कम होने से धीमी
Crisil के चीफ इकोनॉमिस्ट धर्मकृति जोशी के मुताबिक, महंगाई कम होने (easing inflation) की वजह से नॉमिनल GDP ग्रोथ सिर्फ 8.7% रही. क्योंकि महंगाई कम होती है, तो कीमतों का इफेक्ट कम हो जाता है, जिससे नॉमिनल ग्रोथ थोड़ा सॉफ्ट दिखता है. लेकिन असली ताकत रियल GDP ग्रोथ में दिख रही है, जो लगातार मजबूत बनी हुई है.
खपत से मिला बड़ा सपोर्ट
Crisil का कहना है कि FY26 की ग्रोथ में सबसे ज्यादा योगदान प्राइवेट कंज़म्पशन का रहा. महंगाई कम होने से लोगों की जेब में बचत बढ़ी और डिस्क्रिशनरी स्पेंडिंग में जोरदार उछाल देखने को मिला. यानी FMCG से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ट्रैवल-हॉस्पिटैलिटी तक, कई सेक्टरों में मांग बढ़ी.
मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर चमके
सप्लाई-साइड की बात करें तो Crisil ने बताया कि Q2 में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों सेक्टरों में शानदार बढ़त देखने को मिली. खासतौर पर फैक्ट्री आउटपुट बढ़ने और सर्विस सेक्टर के डबल-डिजिट ग्रोथ ने GDP को मजबूत सपोर्ट दिया.
H2 में थोड़ी धीमी रफ्तार की उम्मीद
हालांकि, agency का मानना है कि FY26 के दूसरे आधे (H2) में GDP ग्रोथ थोड़ी कम होकर लगभग 6.1% रह सकती है. इसकी वजह बताई गई है-
• अमेरिका की ओर से बढ़े हुए टैरिफ का असर
• बाहरी मांग में थोड़ी कमजोरी
लेकिन कुल मिलाकर पूरे साल की ग्रोथ अब भी मजबूत रहेगी.
GST कटौती और टैक्स रिफॉर्म्स से बढ़ी खपत
Crisil के अनुसार GST दरों में कमी, इनकम टैक्स में राहत और RBI की ओर से रेपो रेट में कटौती ने घरेलू मांग को और मजबूत किया है. कंपनी का कहना है कि GST रेट रेशनलाइजेशन का पोजिटिव इफेक्ट तीसरी तिमाही (Q3) में भी देखने को मिलेगा. इससे खपत और कारोबार दोनों में तेजी आएगी.
निजी निवेश में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद
जोशी का कहना है कि सरकारी निवेश अब स्थिर हो रहा है, लेकिन प्राइवेट कैपेक्स में अगली तिमाहियों में हल्का उछाल देखने को मिल सकता है. कॉर्पोरेट बैलेंस शीट्स मजबूत हैं और मांग में सुधार दिख रहा है, जो निवेश को बढ़ा सकता है.
महंगाई काबू में, अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत
Crisil ने कहा कि खाद्य वस्तुओं में महंगाई कम होने से लोगों के खर्च करने की क्षमता बढ़ी है. कम महंगाई + बढ़ती खपत + मजबूत सेक्टर = GDP को बूस्ट मिल रहा है.
Q3 के लिए भी पॉजिटिव संकेत
एजेंसी मानती है कि तीसरी तिमाही में भी खपत और सर्विस सेक्टर की मजबूती आर्थिक रफ्तार बनाए रखेगी.
त्योहारी सीजन की डिमांड और बेहतर प्राइस कंडीशन से भी बूस्ट मिलेगा.
खबर से जुड़े FAQs
1. Crisil ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ का नया अनुमान क्या दिया है?
अब Crisil का अनुमान 7% है.
2. Q2 में भारत की GDP ग्रोथ कितनी रही?
8.2% की मजबूत ग्रोथ दर्ज हुई.
3. रियल GDP बढ़ने की मुख्य वजह क्या रही?
मजबूत मैन्युफैक्चरिंग, बढ़ी खपत और सर्विस सेक्टर की दमदार परफॉर्मेंस.
4. H2 में GDP थोड़ी धीमी क्यों हो सकती है?
अमेरिका के टैरिफ बढ़ने और बाहरी मांग कमजोर होने से दबाव रह सकता है.
5. GST रेट कटौती का क्या फायदा हुआ?
लोगों की डिस्पोज़ेबल इनकम बढ़ी और खपत में तेजी आई.

