Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
दिल्ली-NCR को जाम मुक्त बनाने की तैयारी, ₹34500 Cr के अपकमिंग हाईवे प्रोजेक्ट्स, नितिन गडकरी का ऐलान

दिल्ली-NCR को जाम मुक्त बनाने की तैयारी, ₹34500 Cr के अपकमिंग हाईवे प्रोजेक्ट्स, नितिन गडकरी का ऐलान

Zee Business Hindi 3 weeks ago

दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और धीमी कनेक्टिविटी की समस्या को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर विजन तैयार किया है. सरकार का कहना है कि यह केवल नई सड़कें और फ्लाईओवर बनाने की योजना नहीं है, बल्कि दिल्ली NCR को भविष्य के लिए तैयार करने वाला "ईज ऑफ लीविंग" और "ईज ऑफ मोबिलिटी" मॉडल है.

इस मेगा प्लान के तहत नई एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, टनल और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं ताकि दिल्ली-NCR में यात्रा तेज, सुरक्षित, प्रदूषण मुक्त और आसान बन सके. सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में दिल्ली-NCR को वर्ल्ड क्लास, ग्रीन और सीमलैस मोबिलिटी नेटवर्क के रूप में विकसित करना है.

₹1.5 लाख करोड़ की परियोजनाओं पर काम

सरकार के अनुसार दिल्ली-NCR में कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये की सड़क और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है. प्रोजेक्ट्स की स्थिति-

श्रेणीलंबाईअनुमानित लागत
पूरे हो चुके प्रोजेक्ट1850 किमी₹87,000 करोड़
निर्माणाधीन प्रोजेक्ट225 किमी₹13,000 करोड़
आगामी प्रोजेक्ट190 किमी₹34,500 करोड़

इन समस्याओं को हल करने पर फोकस

इस मास्टर प्लान का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण नहीं बल्कि दिल्ली-NCR की पूरी यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाना है.

मुख्य लक्ष्य:

  • ट्रैफिक जाम कम करना
  • प्रदूषण घटाना
  • ईंधन की बचत
  • लॉजिस्टिक्स लागत कम करना
  • शहरों के बीच तेज यात्रा सुविधा देना

ये भी पढ़ें: दायरे में फंसा निफ्टी कब तोड़ेगा रेंज? बैंक निफ्टी में कहां मजबूत सपोर्ट? जानिए अनिल सिंघवी की स्ट्रैटेजी

दिल्ली-NCR के बड़े पूरे हो चुके प्रोजेक्ट

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे

135 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को करीब ₹12,000 करोड़ की लागत से बनाया गया. इससे भारी मालवाहक वाहनों को दिल्ली के बाहर डायवर्ट किया गया, जिससे राजधानी में ट्रैफिक दबाव कम हुआ.

द्वारका एक्सप्रेसवे

करीब 30 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करता है. इससे IGI एयरपोर्ट तक पहुंच पहले से काफी आसान हुई है.

UER-II

76 किलोमीटर लंबा Urban Extension Road-II दिल्ली का तीसरा रिंग रोड माना जा रहा है. इस प्रोजेक्ट से नजफगढ़, मुंडका, बवाना और अलीपुर जैसे इलाकों को बड़ी राहत मिली है. पहले जहां सफर में 2 घंटे लगते थे, अब वही दूरी लगभग 30 मिनट में पूरी हो रही है.

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे

97 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे ने दिल्ली से मेरठ का सफर पूरी तरह बदल दिया है. अब यह दूरी केवल 45 मिनट में तय की जा सकती है.

कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम जारी

DND-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ कॉरिडोर

59 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच तेज कनेक्टिविटी देगा. यह दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को भी जोड़ेगा.

जेवर एयरपोर्ट से IGI Airport लिंक

करीब ₹3,700 करोड़ की लागत वाला यह 32 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड लिंक जेवर एयरपोर्ट को IGI एयरपोर्ट से जोड़ेगा. इससे दक्षिण दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को ड्यूल एयरपोर्ट एक्सेस मिलेगा.

आने वाले समय में शुरू होंगे ये बड़े प्रोजेक्ट

सरकार कई नई परियोजनाओं पर भी काम शुरू करने की तैयारी कर रही है.

अपकमिंग प्रोजेक्ट्स

प्रोजेक्टलंबाईअनुमानित लागत
UER-II Extension to Delhi-Dehradun Expressway17 किमी₹3,500 करोड़
Delhi-Dehradun Expway to Noida-Faridabad65 किमी₹7,500 करोड़
Shiv Murti-Nelson Mandela Marg Tunnel8 किमी₹7,000 करोड़
AIIMS-Mahipalpur-Gurugram Elevated Corridor20 किमी₹5,000 करोड़

महिपालपुर और धौला कुआं को मिलेगी राहत

शिव मूर्ति-नेलसन मंडेला मार्ग टनल और AIIMS-महिपालपुर-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स दक्षिण दिल्ली और गुरुग्राम के बीच ट्रैफिक को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे.

इन प्रोजेक्ट्स से महिपालपुर, धौला कुआं, वसंत कुंज और राव तुला राम मार्ग जैसे सबसे व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है.

दिल्ली-NCR को मिलेगा फ्यूचर रेडी ट्रांसपोर्ट नेटवर्क

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से केवल यात्रा आसान नहीं होगी बल्कि ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.

नई एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी कॉरिडोर से माल परिवहन तेज होगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिलेगी. आने वाले वर्षों में Delhi NCR को देश के सबसे आधुनिक और टिकाऊ परिवहन नेटवर्क वाले क्षेत्रों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Zee Business Hindi