नौकरी के नए नियमों में Fixed-Term Employment शब्द बहुत सुनने को मिल रहा है, लेकिन यहां सबसे बड़ा कन्फ्यूजन यही है.क्या इसमें कॉन्ट्रैक्टर के जरिए काम करने वाले भी आते हैं या नहीं?
अगर आप भी यही सोच रहे हैं, तो इसका जवाब बहुत साफ है.
4 प्वाइंट में पहले समझ लें पूरी बात
- Fixed-Term Employment यानी सीधे कंपनी द्वारा रखे गए कर्मचारी
- कॉन्ट्रैक्टर के जरिए काम करने वाले इसमें शामिल नहीं
- यह नियम सीधे employer-employee संबंध पर आधारित है
- ग्रेच्युटी और अन्य फायदे भी उसी आधार पर मिलते हैं
सीधे सवाल का सीधा जवाब
सवाल: क्या फिक्स्ड-टर्म एम्प्लॉयमेंट (निश्चित अवधि का रोजगार) में ठेकेदारों के जरिए से रखे गए ठेका श्रमिक शामिल हैं, या केवल वे कर्मचारी जिन्हें कंपनी (मुख्य नियोक्ता) सीधे तौर पर काम पर रखती है?
जवाब: फिक्स्ड-टर्म एम्प्लॉयमेंट में केवल वही कर्मचारी शामिल होते हैं जिन्हें नियोक्ता (कंपनी) द्वारा सीधे तौर पर नियुक्त किया जाता है.
यह कन्फ्यूजन होता ही क्यों है?
- Contract शब्द की वजह से लोग सोचते हैं
- असल में Contract job यानी कि Contractor के जरिए काम
- लेकिन Fixed-Term Employment यानी Direct contract with company

Fixed-Term Employment में कौन शामिल होता है?
- वे कर्मचारी जिन्हें कंपनी सीधे hire करती है
- जिनका कंपनी के साथ लिखित कॉन्ट्रैक्ट होता है
- जिनकी नौकरी तय अवधि (fixed duration) की होती है
- यानी सीधा employer-employee रिश्ता होता है
क्या contractor के जरिए काम करने वाले शामिल हैं?
- नहीं जो कर्मचारी contractor या एजेंसी के जरिए काम करते हैं
- उनका संबंध कांट्रैक्टर से होता है
- principal employer से डायरेक्ट नहीं है
- इसलिए वो फिक्स्ड टर्म Employment में नहीं आते
आसान तुलना में समझें बात
Fixed-Term Employee
- सीधे कंपनी द्वारा नियुक्त
- तय अवधि का कॉन्ट्रैक्ट
- ग्रेच्युटी और अन्य लाभ मिल सकते हैं
Contract Labour (Contractor के जरिए)
- contractor द्वारा नियुक्त
- कंपनी से indirect संबंध
- अलग कानून लागू
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आपके लिए इसका क्या मतलब है?
- अगर आप डायरेक्ट कंपनी में कांट्रैक्ट पर हैं
- तो आपको फिक्स्ड टर्म बेनेफिट्स मिल सकते हैं
- अगर आप contractor के जरिए हैं तो ये फायदे नहीं मिलेंगे
- सीधी बात किसके payroll पर हैं" यही सबसे अहम है
Basis फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी (FTE) ठेका श्रमिक (Contract Labour) कौन नियुक्त करता है? सीधे कंपनी (Principal Employer) थर्ड-पार्टी ठेकेदार (Contractor) पेरोल कंपनी के मुख्य पेरोल पर ठेकेदार/एजेंसी के पेरोल पर ग्रेच्युटी 1 साल की नौकरी पर (नए नियम) कंपनी देने के लिए बाध्य नहीं सैलरी कौन देता है? सीधे कंपनी से मिलती है ठेकेदार के जरिए मिलती है कानूनी अधिकार सीधे कंपनी के खिलाफ केवल ठेकेदार के खिलाफ
अब आपको क्या करना चाहिए?
- अपना ऑफर टेलर चेक करें
- देखें employer का नाम कौन है
- आपको सैलरी कौन दे रहा है
- HR से स्पष्ट पूछें आपका employment type क्या है
यह इतना जरूरी क्यों है?
- क्योंकि इसी से तय होता है ग्रेच्युटी मिलेगी या नहीं
- PF और अन्य लाभ कैसे मिलेंगे,आपके अधिकार क्या हैं
आपके काम की बात
आपको बता दें कि Fixed-Term Employment का मतलब है कि सीधे कंपनी द्वारा रखा गया कर्मचारी.यानी कि contractor के जरिए काम करने वाले इसमें शामिल नहीं होते हैं. तो फिर इसलिए हर किसी का फर्क समझना जरूरी है तभी सही फायदे मिलेंगे.

