पर्सनल लोन आज के समय में सबसे आसानी से मिलने वाला कर्ज बन चुका है. अच्छी सैलरी, ठीक-ठाक क्रेडिट स्कोर और कुछ बेसिक डॉक्यूमेंट्स हों, तो बैंक मिनटों में लोन अप्रूव कर देते हैं. न कोई गारंटी, न कोई सिक्योरिटी- इसी वजह से ये अनसिक्योर्ड लोन की कैटेगरी में आता है.
लेकिन यही आसानी कई बार लोगों को गलत फैसले लेने पर मजबूर कर देती है. पर्सनल लोन की रकम को 'पर्सनल' समझकर अगर आपने गलत जगह इस्तेमाल कर लिया, तो ये कर्ज आपकी फाइनेंशियल हालत बिगाड़ सकता है. यहां जानिए ऐसे 3 काम, जिनके लिए पर्सनल लोन लेना बिल्कुल अवॉयड करना चाहिए.
पर्सनल लोन क्यों दिखता है आसान
पर्सनल लोन का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट ये है कि इसकी रकम आप किसी भी काम में लगा सकते हैं. बैंक आपसे ये नहीं पूछता कि पैसा कहां खर्च करेंगे. लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि पर्सनल लोन की ब्याज दरें दूसरी कई स्कीम्स के मुकाबले काफी ज्यादा होती हैं. यही वजह है कि गलत इस्तेमाल आपको कर्ज के जाल में फंसा सकता है.
1. पुराने कर्ज उतारने के लिए पर्सनल लोन
कई लोग एक कर्ज को चुकाने के लिए दूसरा कर्ज ले लेते हैं. सुनने में ये आसान लगता है, लेकिन हकीकत में ये सबसे खतरनाक फैसला होता है. अगर आप उधार चुकाने के लिए पर्सनल लोन ले रहे हैं, तो आप समस्या को हल नहीं कर रहे, बल्कि उसे आगे बढ़ा रहे हैं. पर्सनल लोन महंगा कर्ज होता है और इसकी EMI आपकी जेब पर भारी पड़ती है. अगर किसी वजह से आप ये EMI नहीं चुका पाए, तो क्रेडिट स्कोर खराब होगा और आगे चलकर लोन लेना और मुश्किल हो जाएगा.
2. शेयर बाजार में पैसा लगाने के लिए
पर्सनल लोन लेकर शेयर खरीदना बहुत बड़ा रिस्क है. शेयर बाजार में मुनाफा भी हो सकता है और नुकसान भी. अगर आपने लोन लेकर निवेश किया और बाजार गिर गया, तो आपको दोहरी मार झेलनी पड़ेगी- शेयर में नुकसान और ऊपर से पर्सनल लोन की EMI का बोझ. याद रखें, निवेश हमेशा उसी पैसे से करना चाहिए जिसकी आपको तुरंत जरूरत न हो. उधार के पैसे से शेयर खरीदना समझदारी नहीं कहलाता.
3. महंगे शौक पूरे करने के लिए
महंगा मोबाइल, लग्जरी गैजेट्स या विदेश ट्रिप- इन सबके लिए पर्सनल लोन लेना सबसे आम गलती है. पर्सनल लोन तभी लेना चाहिए जब कोई जरूरी खर्च सामने आ जाए और पैसों का इंतजाम कहीं से न हो पा रहा हो. सिर्फ शौक पूरे करने के लिए लिया गया लोन आपको सालों तक EMI के बोझ में दबाए रख सकता है. याद रखें, शौक आज पूरे हो जाएंगे, लेकिन कर्ज लंबे समय तक पीछा नहीं छोड़ेगा.
पर्सनल लोन कब लेना सही हो सकता है
- मेडिकल इमरजेंसी
- घर से जुड़ा जरूरी खर्च
- पढ़ाई या स्किल अपग्रेडेशन
- किसी जरूरी स्थिति में जब दूसरा विकल्प न हो
इन हालात में पर्सनल लोन मददगार साबित हो सकता है, बशर्ते EMI आपकी इनकम के हिसाब से हो.
FAQs
Q1. क्या पर्सनल लोन लेना हमेशा गलत होता है?
नहीं, लेकिन इसे सिर्फ जरूरत के समय और सही उद्देश्य के लिए लेना चाहिए.
Q2. क्या पर्सनल लोन से शेयर खरीदना गलत है?
हां, क्योंकि शेयर बाजार में नुकसान का खतरा होता है और EMI का बोझ अलग से रहता है.
Q3. पर्सनल लोन की ब्याज दरें क्यों ज्यादा होती हैं?
क्योंकि ये अनसिक्योर्ड लोन होता है और बैंक को ज्यादा रिस्क रहता है.
Q4. क्या कर्ज चुकाने के लिए पर्सनल लोन लेना सही है?
नहीं, इससे कर्ज का बोझ और बढ़ सकता है.
Q5. पर्सनल लोन लेने से पहले क्या देखना चाहिए?
EMI, ब्याज दर, चुकाने की क्षमता और लोन का उद्देश्य जरूर देखना चाहिए.

