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ईरान युद्ध के बीच सरकार का बड़ा फैसला! अब आसानी से मिलेगा केरोसिन, नियमों में दी छूट

ईरान युद्ध के बीच सरकार का बड़ा फैसला! अब आसानी से मिलेगा केरोसिन, नियमों में दी छूट

Zee Business Hindi 1 month ago

Kerosene: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते रसोई गैस पर संकट गहराने लगा है. इसी बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी है, ताकि केरोसिन (Kerosene) की सप्लाई तेजी से बढ़ाकर घरों तक आसानी से पहुंचाई जा सके.

ज़ी बिजनेस के प्रिंसिपल कॉरेस्पोंडेंट के मुताबिक, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन में बताया कि इस फैसले से 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घरों तक केरोसिन की आपूर्ति आसान और तेज हो सकेगी, ताकि लोग खाना पकाने और रोशनी के लिए इसका उपयोग कर सकें.

सरकार को यह फैसला क्यों लेना पड़ा?

  • ईरान युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ा है.
  • LNG की कमी से LPG सप्लाई पर दबाव बढ़ा है.
  • LPG महंगी और सीमित है, जिससे घरेलू ईंधन संकट का खतरा है.
  • इसलिए सरकार ने पुराने विकल्प यानी केरोसिन को फिर से एक्टिव किया है.

रसोई गैस की कमी से पहले ही सरकार ने बैकअप प्लान चालू कर दिया है.

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क्या बदला है?

1. पेट्रोल पंप से केरोसिन मिलेगा

  • इंडियन ऑयल, BPCL, HPCL के चुनिंदा पंप
  • सीधे आम लोगों को बिक्री

2. स्टोरेज लिमिट तय

  • प्रति पंप अधिकतम 5000 लीटर

3. हर जिले में 2 पंप

  • सप्लाई को स्थानीय स्तर पर तेज करने का प्लान

4. राशन दुकानों से भी वितरण

  • खासकर ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता

क्या यह सिर्फ अस्थायी कदम है?

  • हां, सरकार ने साफ कहा है कि यह 60 दिनों की इमरजेंसी व्यवस्था है.
  • तुरंत सप्लाई गैप को भरना लक्ष्य है.
  • अगर हालात सुधरते हैं, तो यह व्यवस्था हट सकती है.

किसे फायदा? किसे नुकसान?

फायदा किसे

  • ग्रामीण और लो-इनकम परिवार
  • जिनके पास LPG कनेक्शन नहीं
  • छोटे दुकानदार, ढाबे

नुकसान किसे

  • LPG डिस्ट्रीब्यूशन चैन पर दबाव
  • पर्यावरण

क्या सुरक्षा पर असर पड़ेगा?

सरकार का दावा है कि सभी सुरक्षा और मॉनिटरिंग नियम लागू रहेंगे. गलत इस्तेमाल रोकने के लिए निगरानी बढ़ेगी.

आपके लिए क्या मतलब है?

  • केरोसिन अब आसानी से और जल्दी मिलेगा
  • LPG की कमी होने पर बैकअप ऑप्शन तैयार है
  • राशन दुकान और पेट्रोल पंप दोनों से सप्लाई
  • खाना पकाने में रुकावट कम होगी

क्या सरकार और विकल्पों पर भी काम कर रही है?

हां, मल्टी-लेवल रणनीति अपनाई गई है-

  • कोल इंडिया और SCCL को ज्यादा कोयला सप्लाई का निर्देश
  • राज्यों को PNG कनेक्शन बढ़ाने की सलाह
  • स्वच्छ ईंधन और पारंपरिक ईंधन दोनों पर फोकस

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कंक्लूजन

यह फैसला सरकार की एहतियाती रणनीति का हिस्सा है, ताकि युद्ध के कारण पैदा हो रहे फ्यूल संकट का असर आम लोगों तक न पहुंचे. केरोसिन को फिर से प्रमुख विकल्प बनाकर सरकार ने यह साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता हर हाल में रसोई ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है. हालांकि यह कदम अस्थायी है, लेकिन इससे यह संकेत भी मिलता है कि आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक ईंधनों पर फोकस और बढ़ सकता है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. क्या अब हर पेट्रोल पंप पर केरोसिन मिलेगा?
नहीं, सिर्फ चुनिंदा पंपों पर.

Q2. यह नियम कितने समय तक लागू रहेगा?
60 दिनों के लिए.

Q3. क्या राशन दुकानों से भी मिलेगा?
हां, खासकर ग्रामीण इलाकों में.

Q4. क्या LPG पूरी तरह बंद हो रही है?
नहीं, यह सिर्फ सपोर्ट सिस्टम है.

Q5. क्या केरोसिन सस्ता होगा?
कीमत राज्यों और सप्लाई पर निर्भर करेगी.

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