West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 4 मई की सुबह कुछ अलग ही सरगर्मी लेकर आई है. जैसे-जैसे ईवीएम (EVM) के पिटारे खुले, बंगाल की खाड़ी से उठने वाली लहरों की तरह चुनावी रुझान ने भी करवट बदल ली.
जी हां बंगाल में इतिहास बनाते हुए पहली बार बीजेपी सत्ता में आई है. इस जीत में अगर कोई एक नाम सबसे ज्यादा चमक रहा है, तो वह है शुभेंदु अधिकारी.
जी हां वही शुभेंदु, जिन्होंने कभी ममता बनर्जी के कंधे से कंधा मिलाकर नंदीग्राम की जमीन पर 'इंकलाब' लिखा था, आज वही भाजपा के 'पोस्टर बॉय' बनकर दीदी के गढ़ को ढहाने की कगार पर हैं. लेकिन सवाल सिर्फ जीत का नहीं है, सवाल उससे भी बड़ा है क्या शुभेंदु अधिकारी बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे?
5 प्वाइंट्स में समझें पूरी बात
- शुभेंदु अधिकारी: TMC से BJP में आए बड़े नेता
- नंदीग्राम आंदोलन से मिली पहचान
- 2021 में ममता बनर्जी को हराकर बने 'जायंट किलर'
- बंगाल में BJP की रणनीति का अहम चेहरा
- CM पद की रेस में सबसे आगे
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शुभेंदु अधिकारी इतने अहम क्यों?
असल में उन्होंने TMC के गढ़ में सेंध लगाकर BJP को बंगाल में मजबूत किया.
खास बातें:
- जमीनी पकड़
- संगठन पर मजबूत कंट्रोल
- आक्रामक राजनीति
कौन हैं शुभेंदु अधिकारी?
- पश्चिम बंगाल के कोंताई (पूर्व मेदिनीपुर) से आने वाले नेता
- राजनीतिक परिवार से ताल्लुक
- पिता हैम Sisir Adhikari
- इलाके में मजबूत पकड़
- छात्र राजनीति से शुरुआत
- धीरे-धीरे बड़े जननेता बने
नंदीग्राम ने कैसे बनाया 'स्टार'?
साल 2007
- जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन
- ममता बेनर्जी के साथ कंधे से कंधा
- यहीं से मिली पहचान
2021 चुनाव
- उसी नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराया
- यहीं से वो बने 'जायंट किलर'
TMC छोड़ BJP क्यों जॉइन की?
दिसंबर 2020
अमित शाह की मौजूदगी में BJP जॉइन
कारण:
- भ्रष्टाचार के आरोप
- राजनीतिक मतभेद
असर:
- TMC को बड़ा झटका
- BJP को बंगाल में मजबूत चेहरा

शुभेंदु अधिकारी को एक नजर में सझमें
- पार्टी: BJP
- पद: नेता विपक्ष (पूर्व)
- क्षेत्र: पूर्व मेदिनीपुर
- पहचान: जमीनी नेता और आक्रामक शैली
शुभेंदु एजूकेशन
- शुभेंदु अधिकारी ने कला स्नातक (B.A. Hons.) तक शिक्षा प्राप्त की है
- उन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई पीके कॉलेज, कांथी से पूरी की
- स्नातक की डिग्री उन्होंने प्रसिद्ध रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से हासिल की
- उनकी पूरी उच्च शिक्षा कला संकाय में संपन्न हुई है
- चुनावी हलफनामे के अनुसार, वे एक सुशिक्षित और डिग्री धारक राजनेता हैं
उनकी सबसे बड़ी ताकत क्या है?
- सादगी (कुर्ता-पायजामा, चप्पल) जो बंगाल के लोगों को पसंद है
- ग्रामीण वोटर से अच्छा कनेक्शन
- संगठन पर मजबूत पकड़ है
- यही उन्हें मास लीडर बनाता है
क्या बन सकते हैं मुख्यमंत्री?
उनके पक्ष में:
- मजबूत ग्राउंड नेटवर्क
- BJP का भरोसा
- ममता बनर्जी को हराने का रिकॉर्ड
- ग्राउंड पर लगातार मेहनत और लोगों से कनेक्शन
- लेकिन अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगा
संकेत: CM रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं
शुभेंदु से बंगाल में कल में क्या बदलेगा?
- बंगाल में नई राजनीतिक दिशा
- BJP का मजबूत विस्तार
- TMC की रणनीति पर असर
आपके लिए क्या मायने हैं?
- राज्य की नीतियों में बदलाव संभव
- राजनीतिक माहौल बदलेगा
- विकास एजेंडा बदल सकता है
आपके काम की बात
भाजपा आलाकमान के लिए शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे हो सकते हैं. हालांकि, भाजपा सामूहिक नेतृत्व की बात करती है, लेकिन बंगाल की जनता आज पूछ रही है कि क्या अधिकारी ही होंगे बंगाल के नए 'दादा'? इतना तो साफ है कि शुभेंदु अधिकारी ने ये साबित कर दिया है कि वे बंगाल की राजनीति के वो 'खिलाड़ी' हैं, जिन्हें मात देना फिलहाल दीदी के लिए भी मुश्किल हो रहा है.

