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क्या बाजार में होने वाला है कुछ तूफानी? गिरावट के बाद की जबरदस्त वापसी, क्या यह 'Buy on Dips' का टाइम है?

क्या बाजार में होने वाला है कुछ तूफानी? गिरावट के बाद की जबरदस्त वापसी, क्या यह 'Buy on Dips' का टाइम है?

Stock Market Recovery: मंगलवार को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी पर शुरुआती कमजोरी के बाद भारतीय शेयर बाजार ने दमदार रिकवरी दिखाई. दोपहर तक सेंसेक्स और निफ्टी ने तेजी का यू-टर्न ले लिया.

ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में सेंसेक्स में 400 अंकों की तेजी थी. निफ्टी 130 अंकों की तेजी के साथ 23,100 के ऊपर निकल गया था.

इस तेजी की अगुवाई IT और मेटल शेयरों ने की. निफ्टी आईटी इंडेक्स में 750 अंकों की तेजी थी. जिसमें Wipro, HCL Tech, TCS और Infosys जैसे शेयरों में 3% तक की तेजी देखी गई. मेटल और रियल्टी शेयरों में भी खरीदारी आई, हालांकि बैंकिंग और ऑटो सेक्टर थोड़ा दबाव में रहे.

बाजार में क्या हो रहा है इंट्रस्ट्रिंग?

मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि बाजार में जो एक्शन बन रहा है, वो काफी इंट्रस्टिंग है. पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन से खास पैटर्न बन रहा है. लोअर लेवल्स से बाजार रिकवरी दिखा रहे हैं. लगातार तीन ट्रेडिंग सेशंस से बाजार एक खास पैटर्न फॉलो कर रहा है. हर बार निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी देखने को मिल रही है और पिछले दो दिनों में बाजार अपने दिन के हाई के आसपास बंद हुआ. यह संकेत देता है कि नीचे के स्तरों पर खरीदारी मजबूत बनी हुई है.

FIIs की लगातार बिकवाली के बावजूद बाजार का संभलना एक पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है. यहां तक कि Reliance जैसे हैवीवेट स्टॉक की कमजोरी भी बाजार को ज्यादा देर तक नीचे नहीं रख पाई. इसका मतलब है कि बाजार में अंदरूनी मजबूती मौजूद है.

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क्या यह 'Buy on Dips' वाला बाजार है?

अनिल सिंघवी के अनुसार, जब तक निफ्टी 22540 के नीचे क्लोज नहीं करता, तब तक 'Buy on Dips' की रणनीति काम कर सकती है. यानी गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जा सकता है.

ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए पहला टार्गेट 23150 है. इसके बाद 23300 से 23500 की रेंज में अगला रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है. वहीं अगर बाजार कमजोर पड़ता है और निफ्टी 23675 के नीचे बंद होता है, तो तेजी की पोजीशन थोड़ा कम करनी चाहिए.

दूसरी तरफ, अगर निफ्टी 23000 और बैंक निफ्टी 52750 के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है.

आगे क्या रहेगा ट्रिगर?

बाजार की इस रिकवरी के पीछे एक और बड़ा फैक्टर है- आने वाले अहम इवेंट्स. ट्रंप की डेडलाइन और RBI की पॉलिसी जैसे बड़े फैसलों से पहले बाजार का मजबूत रहना निवेशकों के भरोसे को दिखाता है.

धीरे-धीरे बाजार इन जियोपॉलिटिकल टेंशन को नजरअंदाज करता दिख रहा है, जो कि एक पॉजिटिव संकेत है. हालांकि, किसी भी बड़ी खबर पर वोलैटिलिटी बढ़ सकती है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है.

अनिल सिंघवी ने कहा कि क्रूड का मूवमेंट भी बाजार के लिए निर्णायक मूव तय करेगा. अभी हम 110 डॉलर के भाव पर एडजस्ट कर रहे हैं, लेकिन अगर चीजें अच्छी हुईं और ये 100 डॉलर के नीचे अगर आकर टिकता है, तो ये बॉटम फॉर्मेशन हो सकता है, वहां से रिलीफ रैली आ सकती है.

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किन शेयरों में सबसे ज्यादा एक्शन?

IT सेक्टर में खरीदारी का माहौल दिखा. Wipro और Coforge जैसे शेयरों में तेजी रही, जहां वैल्युएशन आकर्षक लग रहे हैं. मेटल सेक्टर में Vedanta ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जो 3% से ज्यादा बढ़ा.

वहीं दूसरी तरफ, कमजोर तिमाही अपडेट के चलते Jubilant Food के शेयर में गिरावट देखने को मिली, शेयर 10% से ज्यादा गिर गया था.

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

बाजार फिलहाल एक दिलचस्प मोड़ पर है. एक तरफ नीचे के स्तरों पर मजबूत खरीदारी दिख रही है, तो दूसरी तरफ बड़े इवेंट्स का रिस्क भी बना हुआ है. ऐसे में जल्दबाजी से बचते हुए रणनीतिक तरीके से निवेश करना जरूरी है.

अगर आप ट्रेडर हैं, तो डिप्स पर खरीदारी और ऊपर के स्तरों पर मुनाफावसूली की रणनीति बेहतर काम कर सकती है. वहीं लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह समय धीरे-धीरे क्वालिटी स्टॉक्स में एंट्री का हो सकता है.

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