Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Loan Prepayment Rules: समय से पहले लोन बंद करने पर क्या होता है? जानिए क्या कहते हैं आरबीआई के नियम

Loan Prepayment Rules: समय से पहले लोन बंद करने पर क्या होता है? जानिए क्या कहते हैं आरबीआई के नियम

जिंदगी में घर खरीदने, कार लेने या उच्च शिक्षा जैसे बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लोन (Loan) एक बड़ा सहारा बनता है. लेकिन कई बार समय से पहले हमारी आर्थिक स्थिति सुधर जाती है और हमारे पास अतिरिक्त पैसा आ जाता है.

ऐसे में हर कोई चाहता है कि वह जल्द से जल्द अपना लोन चुकाकर कर्ज के बोझ से मुक्त हो जाए.

समय से पहले लोन चुकाने से आपका ब्याज बचता है और कर्ज की अवधि छोटी हो जाती है. लेकिन बैंक में अतिरिक्त पैसे जमा करने जाने से पहले आपको कुछ जरूरी बातें जान लेनी चाहिए. जिस तरह बैंक किस्त देरी से देने पर पेनाल्टी लगाते हैं, ठीक उसी तरह कई बार समय से पहले लोन बंद करने पर भी बैंक आपसे एक खास फीस वसूलते हैं, जिसे प्रीपेमेंट चार्ज (Prepayment Charge) या फोरक्लोजर फीस कहा जाता है. आइए इस पूरे मामले को आसान भाषा में विस्तार से समझते हैं.

ये भी पढ़ें- RBI का बड़ा तोहफा! बैंक कर्मचारियों और रिकवरी एजेंट्स के लिए बन रहे सख्त नियम, अब बदतमीजी पड़ेगी बहुत भारी

क्यों लगता है समय से पहले लोन चुकाने पर जुर्माना?

पहली बार सुनने में यह अजीब लग सकता है कि जब बैंक को उसका पैसा समय से पहले वापस मिल रहा है, तो वह जुर्माना क्यों लगा रहा है. असल में, बैंकों की कमाई का मुख्य जरिया वह ब्याज (Interest) होता है जो आप लोन की पूरी अवधि के दौरान हर महीने चुकाते हैं. जब आप लोन को बीच में ही बंद कर देते हैं, तो बैंक को आने वाले सालों में मिलने वाले ब्याज का नुकसान हो जाता है. इसी नुकसान की भरपाई के लिए बैंक प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज वसूलते हैं.

आरबीआई (RBI) का नियम: कहां मिलेगी राहत और कहां लगेगा चार्ज?

भारतीय रिजर्व बैंक ने आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए इस मामले में बेहद सख्त नियम बनाए हैं:

फ्लोटिंग रेट लोन (Floating Rate Loans): यदि किसी व्यक्तिगत निवेशक ने फ्लोटिंग (बदलती) ब्याज दर पर कोई टर्म लोन (जैसे होम लोन) लिया है, तो आरबीआई ने बैंकों और एनबीएफसी (NBFCs) द्वारा प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज वसूलने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. लोन का उद्देश्य चाहे जो भी हो, बैंक आपसे ₹1 भी अतिरिक्त नहीं वसूल सकते.

फिक्स्ड रेट लोन (Fixed Rate Loans): यदि आपका लोन फिक्स्ड (निश्चित) ब्याज दर पर है (जैसे कि ज्यादातर पर्सनल लोन या कार लोन होते हैं), तो बैंक आपके ऊपर प्रीपेमेंट पेनाल्टी लगा सकते हैं. यह चार्ज कितना होगा, यह पूरी तरह आपके लोन एग्रीमेंट की शर्तों पर निर्भर करता है. इसलिए लोन लेते समय एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ना बहुत जरूरी है.

ये भी पढ़ें- Debt Snowball vs Debt Avalanche: कौन सा तरीका है बेस्ट? किस में ज्यादा तेजी से निपटता है कर्ज? जानिए पूरा गणित

फायदे और नुकसान का गणित कैसे लगाएं?

लोन पहले बंद करना आपके लिए फायदेमंद है या नहीं, यह जांचने के लिए एक आसान तरीका अपनाएं:

स्टेप 1: सबसे पहले यह हिसाब लगाएं कि बचे हुए समय में आपको बैंक को कुल कितना ब्याज देना था. यह आपकी संभावित बचत है.

स्टेप 2: अब बैंक से पता करें कि लोन पहले बंद करने पर कितना प्रीपेमेंट चार्ज (यह कुल बकाया राशि का एक निश्चित प्रतिशत होता है) लग रहा है.

स्टेप 3: अपनी कुल ब्याज बचत में से इस प्रीपेमेंट चार्ज को घटा दें. अगर उत्तर प्लस (Favourable) में आता है, तो लोन तुरंत बंद कर दें. अगर चार्ज की रकम ब्याज की बचत से ज्यादा है, तो लोन को सामान्य रूप से चलने देना ही बेहतर होता है.

समय से पहले लोन चुकाने के फायदे

ब्याज की बड़ी बचत: लोन जल्दी खत्म होने से आपकी जेब से फालतू ब्याज नहीं जाता, जिससे लंबी अवधि में बड़ी रकम बचती है.

सिबिल स्कोर में सुधार: अपने क्रेडिटर्स का पैसा समय से पहले सुरक्षित लौटाने से बैंकिंग सिस्टम में आपकी साख बढ़ती है और आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) मजबूत होता है.

निवेश के लिए एक्स्ट्रा कैश: हर महीने जाने वाली ईएमआई का बोझ खत्म होने से आपके पास म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में निवेश करने के लिए अतिरिक्त पैसे बचने लगते हैं.

सस्ते लोन के नए मौके: एक पुराना लोन सफलता से बंद करने के बाद भविष्य में आपको बहुत कम ब्याज दरों पर नया लोन मिलने के रास्ते खुल जाते हैं.

ये भी पढ़ें- डिफॉल्टर की प्रॉपर्टी को लेकर RBI ने बनाए नए नियम, बैंकों से कहा- '7 साल में बेच दो', जानिए इससे क्या बदलेगा

पहले लोन बंद करने के नुकसान

टैक्स बेनेफिट का नुकसान: कुछ लोन्स (जैसे बिजनेस लोन या होम लोन) के ब्याज पर आपको इनकम टैक्स में छूट मिलती है. लोन जल्दी बंद करने से आप यह टैक्स डिडक्शन का लाभ खो देते हैं.

बचत का खत्म होना: कई बार लोग अपनी पूरी इमरजेंसी सेविंग्स (आपातकालीन फंड) निकालकर लोन चुका देते हैं, जिससे भविष्य में किसी अचानक आई जरूरत के समय वह लाचार हो जाते हैं.

Conclusion

लोन को समय से पहले बंद करना आर्थिक आजादी और मानसिक शांति पाने का एक बेहतरीन जरिया है. हालांकि, अपनी पूरी जमा-पूंजी एक साथ लोन में झोंकने के बजाय हमेशा एग्रीमेंट के बारीक अक्षरों (Fine Print) को पढ़ें, पेनाल्टी की गणना करें और अपने पास एक छोटा इमरजेंसी फंड बचाकर ही लोन को फोरक्लोज करें. यह लचीलापन आपको भविष्य के लिए वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाएगा.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Zee Business Hindi